Swachh Bharat Lucknow : लखनऊ नगर निगम ने वृंदावन सेक्टर-8 में सफाई में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की। निरीक्षण में गंदगी और कूड़ा पाकर निजी संस्था पर ₹1 लाख जुर्माना लगाया गया। भविष्य में लापरवाही पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

Lucknow Municipal Corporation: लखनऊ के वृंदावन सेक्टर-8 में बुधवार को एक औचक निरीक्षण के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने नगर निगम को एक बार फिर अपनी सख्ती दिखाने पर मजबूर कर दिया। जहां एक ओर शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ संस्थाएं और कर्मचारी इस अभियान को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी के चलते नगर निगम ने एक निजी संस्था पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है।

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क्या था निरीक्षण का मकसद?

नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव की निगरानी में जोनल अधिकारी अजीत कुमार राय ने वृंदावन सेक्टर-8 का निरीक्षण किया। यह जांच विशेष रूप से सफाई व्यवस्था, डस्टबिन की उपलब्धता, स्वीपिंग और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की स्थिति को परखने के लिए की गई थी।

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क्या-क्या खामियां मिलीं?

निरीक्षण के दौरान कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं:

  • सफाई कर्मचारी नियमित रूप से काम पर नहीं आ रहे थे
  • कूड़ा सड़कों पर बिखरा मिला, डस्टबिन गायब
  • सफाईकर्मियों ने निर्धारित वर्दी नहीं पहनी
  • डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नियमित नहीं था
  • गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग नहीं उठाया जा रहा था

इन सबका नतीजा यह था कि इलाके में गंदगी और बदबू का माहौल बन गया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।

पहले भी हो चुकी थी शिकायत, फिर क्यों नहीं बदला कुछ?

स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक महीने पहले भी इसी जगह 10 ट्रक कबाड़ हटाया गया था और संस्था को नियमित सफाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद, हाल के निरीक्षण में फिर से 2 ट्रक कबाड़ जमा मिला।

लोगों का आरोप है कि कूड़ा उठाने की गाड़ी एक दिन छोड़कर आती है और उसमें गीला-सूखा कूड़ा एक साथ डाला जाता है, जो साफ तौर पर नगर निगम की गाइडलाइन का उल्लंघन है।

क्या कार्रवाई हुई?

लखनऊ नगर निगम ने इस लापरवाही के लिए लायन एनवायर लखनऊ नामक संस्था पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में फिर से इस तरह की गलती हुई तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित संस्था की होगी।

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