मथुरा के वृंदावन में केसी घाट के पास यमुना नदी में नाव पलटने से 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 15 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त करते हुए राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

लखनऊ। जनपद मथुरा में यमुना नदी में नाव पलटने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। यह घटना वृंदावन क्षेत्र के केसी घाट के पास हुई, जहां श्रद्धालुओं से भरी नाव पंटून पुल से टकराकर नदी में पलट गई। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे बेहद दुखद और हृदय विदारक घटना बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभु श्री राम से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।

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राहत और बचाव कार्य के लिए दिए त्वरित निर्देश

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घायलों को तुरंत और उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

हादसे का कारण: पंटून पुल से टकराकर पलटी नाव

जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब श्रद्धालुओं से भरी नाव पंटून पुल से टकरा गई और असंतुलित होकर यमुना नदी में पलट गई। इस दौरान नाव में सवार करीब 25 श्रद्धालु नदी में गिर गए।

10 श्रद्धालुओं की मौत, कई को बचाया गया

इस हादसे में कुल 25 लोगों के नदी में गिरने की सूचना है, जिनमें से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दुर्भाग्यवश, 10 श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अधिकांश श्रद्धालु पंजाब से आए थे।

प्रशासन और गोताखोरों की टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच गई। युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया गया और लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई। फिलहाल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।

सुरक्षा और सतर्कता पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद नाव संचालन और घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में बेहतर सुरक्षा इंतजाम और निगरानी की आवश्यकता महसूस की जा रही है।