महाकुम्भ 2025 में सीआरपीएफ श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और मार्गदर्शन में अहम भूमिका निभा रही है। सेवा और समर्पण की भावना से, वे 'राष्ट्र प्रथम' के आदर्श को जीवंत कर रहे हैं।

महाकुम्भ नगर, 17 फरवरी। महाकुम्भ 2025 की भव्यता के बीच केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेवा के लिए पूरी तत्परता से तैनात है। उनकी सेवा भावना और राष्ट्रप्रेम का अद्वितीय उदाहरण महाकुम्भ में देखने को मिल रहा है।

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सीआरपीएफ के जवान 24 घंटे घाटों, मेला परिसर और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। आधुनिक तकनीक और सतर्क निगाहों से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।

भीड़ नियंत्रण और मार्गदर्शन में अहम भूमिका

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सीआरपीएफ के जवान मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर रहे हैं। उनका सौम्य व्यवहार और तत्परता श्रद्धालुओं को सहज अनुभव प्रदान कर रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सीआरपीएफ की आपदा प्रबंधन टीम पूरी मुस्तैदी से तैनात है। कुम्भ मेले में गुमशुदा बच्चों और बुजुर्गों को उनके परिजनों से मिलाने में भी सीआरपीएफ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

राष्ट्र प्रथम: सेवा और समर्पण की मिसाल

सीआरपीएफ से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ का हर जवान महाकुम्भ में 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहा है। उनकी सेवा और समर्पण का यह जज़्बा महाकुम्भ की आध्यात्मिकता को और भी पवित्र बना रहा है। महाकुम्भ 2025 में सीआरपीएफ की यह अटूट सेवा और समर्पण न सिर्फ सुरक्षा का विश्वास जगा रहा है, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा भी है।