पवित्र रामनगरी में ज्यादा से ज्यादा लोग जमीनें खरीदना चाहते हैं। जमीनों के ज्यादातर खरीददार बस्ती, गोंडा, प्रतापगढ़, बहराइच आदि जिलों से आए।

अयोध्या। राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में अचानक जमीनों की कीमतें बढ़ने लगी थीं। 2020 में भूमि पूजन समारोह के बाद कीमतों में दोगुनी से ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई और अब जब 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है तो जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। पवित्र रामनगरी में ज्यादा से ज्यादा लोग जमीनें खरीदना चाहते हैं। प्रॉपर्टी के काम से जुड़े अमित पांडे कहते हैं कि जमीनों के ज्यादातर खरीददार बस्ती, गोंडा, प्रतापगढ़, बहराइच आदि जिलों से आए। जमीन के मालिक ने यदि कीमत 12 हजार स्क्वायर फीट बोला तो खरीददार ने मोल-भाव के बजाए उतने में ही जमीन का सौदा तय कर लिया। इसकी वजह से आसपास के लोगों ने भी अपनी जमीन का भाव बढ़ा दिया।

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शहर में जमीनों की उपलब्धता सीमित

स्थानीय निवासी शुभम पांडे कहते हैं कि सरकार ने काफी जमीन अधिग्रहीत की है। चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर जमीनें अधिग्रहित की गईं। उसके एवज में जमीन मालिकों को उसकी अच्छी कीमत मिली। ट्रस्ट की तरफ से भी जमीनें ली गई हैं। तमाम प्रतिष्ठानों, भवनों और दुकानों को हटाया गया है। इसकी वजह से शहर में जमीन की उपलब्धता सीमित रह गई है। 5 अगस्त 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर का भूमि पूजन किए जाने के बाद कीमतों में बढ़ोत्तरी होने लगी। पहले जहां अयोध्या शहर से बाहर जमीन की कीमत 400-500 रुपये प्रति वर्ग फीट थी। वह अब 2500-3000 रुपये स्क्वायर फीट की कीमत में मिल रही है। 2020 में भूमि पूजन के बाद ही इसकी कीमत बढ़कर 1000-1500 रुपये प्रति स्क्वायर फीट तक हो गई थी।

12 से 20 गुना तक बढ़ गई हैं कीमतें

प्रॉपर्टी के काम से जुड़े अजीत कहते हैं कि सिटी के अंदर जमीनें बहुत महंगी हैं। बहुत सस्ता प्लाट चाहिए तो सिटी के दूर जाना पड़ेगा। सिटी के अंदर जमीन मिलना मुश्किल है और यदि मिल भी रही है तो उसकी मुंहमांगी कीमत अदा करनी पड़ सकती है। मौजूदा समय में राम मंदिर और उसके आसपास के इलाके में जमीन की कीमत 12 से 20 गुना तक बढ़ गई है। लखनऊ हाईवे, रिंग रोड और अन्य जगहों पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहे हैं। पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा। इससे व्यापारियों की कमाई बढ़ने की उम्मीद है। दुकान, प्रतिष्ठान खोलने की होड़ मची है। इस वजह से शहर के बाहरी इलाकों में भी जमीनों की कीमतें आसमान छू रही हैं।

लखनऊ हाईवे, रायबरेली और सुल्तानपुर रोड पर जमीनें महंगी

​अमित पांडे कहते हैं कि लखनऊ-गोरखपुर हाईवे रोड पर ही लाखो रुपये बिस्सा के भाव में जमीन बिक रही है। सुल्तानपुर और रायबरेली रोड पर भी जमीनें महंगी हैं। सिक्स लेन रोड की वजह से सबसे महंगी जमीन रायबरेली रोड पर मिल रही है। वहां दूर दराज की जगहों पर भी करीबन 3500 रुपये स्क्वायर फीट रेट चल रहा है। सुल्तानपुर रोड पर भी 2500 से 3000 रुपये स्क्वायर फीट के रेट पर जमीनें मिल रही हैं।

महंगे दर पर जमीनें बेचने के मकसद से पहले खरीदी जमीनें

अमित कहते हैं कि जैसे-जैसे राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का दिन नजदीक आ रहा है। जमीनों की कीमत बढ़ती जा रही है। पहले ज्यादातर लोगों ने सस्ते में जमीन ले ली थी। उन लोगों का मकसद ही जमीनों को खरीदकर रिसेल करना था। अमित कहते हैं कि अयोध्या के देवकाली पर तीन साल पहले 1200 रुपये में प्लॉट सेल होना शुरु हुए थे। मौके पर 2500 रुपये स्क्वायर फीट के रेट पर एक प्लॉट सेल हो रहा है।

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