दक्षिण कोरिया से 78 सदस्यीय शिष्टमंडल यूपी के अयोध्या पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अयोध्या और दक्षिण कोरिया के बीच सदियों पुराना रिश्ता फिर से मजबूत हुआ। डेलीगेट्स ने रानी हो मेमोरियल पर पहुंच सांस्कृतिक जड़ों को याद किया।

Korean delegates in Ayodhya: अयोध्या और दक्षिण कोरिया के बीच सदियों पुराना रिश्ता एक बार फिर जीवंत हो उठा। गुरुवार को दक्षिण कोरिया के गारक राजवंश के प्रतिनिधियों सहित 78 सदस्यीय शिष्टमंडल अयोध्या की पावन धरती पर पहुंचा। इस खास मौके पर मेहमानों ने सबसे पहले नया घाट स्थित रानी हो मेमोरियल पार्क में अपनी सांस्कृतिक जड़ों को याद किया और यहां ढाई साल पहले निर्मित स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद, शिष्टमंडल ने भव्य राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया और सरयू नदी के तट पर आरती के अलौकिक दृश्य के साक्षी बने।

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अयोध्या की नई चमक और व्यवस्था से अभिभूत इस दल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर प्रशंसा की। शाम ढलते ही लेजर शो की रंगीन छटा ने मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रात में पारंपरिक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देखने को मिली, जहां आठ कलाकारों ने अपनी कला से सबका मन मोह लिया। शिष्टमंडल ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य यतीन्द्र मिश्र से मुलाकात की और उनके साथ रात्रिभोज का आनंद लिया।

होली के रंगों में रंगेंगे मेहमान

शुक्रवार को यह शिष्टमंडल प्राकृतिक रंगों से होली खेलेगा, जो भारत और दक्षिण कोरिया की संस्कृतियों के मिलन का एक अनूठा प्रतीक बनेगा। दोपहर बाद यह दल अयोध्या से विदा लेगा, लेकिन अपने साथ दोनों देशों के बीच दोस्ती की नई यादें ले जाएगा।

सांस्कृतिक सेतु का बना प्रतीक

अयोध्या और दक्षिण कोरिया का रिश्ता इतिहास की गहराइयों में समाया है। डॉ. आशीष के अनुसार, दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव लंबे समय से रहा है। यह दौरा न केवल उस बंधन को मजबूत करेगा, बल्कि दो महान संस्कृतियों के संगम का साक्षी भी बनेगा। दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल की अयोध्या की यह यात्रा एक बार फिर साबित करती है कि प्यार, परंपरा और इतिहास की डोर से बंधे रिश्ते समय की हर सीमा को पार कर सकते हैं।