उत्तर प्रदेश ने आयुष्मान भारत योजना और डिजिटल हेल्थ मिशन के बेहतर संचालन में देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। अस्पताल नेटवर्क, डिजिटल सेवाओं और उन्नत इलाज सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

लखनऊ। योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। आयुष्मान भारत योजना का लाभ अधिकतम पात्र लोगों तक पहुंचाने और इसे प्रभावी तरीके से लागू करने में उत्तर प्रदेश पूरे देश में अग्रणी बना है।

नेशनल हेल्थ ऑथॉरिटी (NHA) द्वारा 17 और 18 अप्रैल को पुणे में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में उत्तर प्रदेश को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के बेहतरीन संचालन के लिए सम्मानित किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी और साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि यह उपलब्धि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और डिजिटल सिस्टम को मजबूत बनाने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

आयुष्मान भारत अस्पताल नेटवर्क का विस्तार (Ayushman Bharat Hospitals UP)

प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया है। वर्तमान में कुल 6,433 अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं, जिनमें 3,521 निजी और 2,912 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए मजबूत ढांचा तैयार किया है। इससे मरीजों को अपने ही जिले या आसपास बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है।

डिजिटल हेल्थ सेवाओं से बढ़ी पारदर्शिता (ABDM Digital Health Services)

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, प्रदेश के कई अस्पतालों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत HMIS (Hospital Management Information System) की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि इससे मरीजों को डिजिटल और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। अब इलाज से जुड़ी जानकारी और प्रक्रियाएं अधिक आसान और तेज हो गई हैं। पिछले एक साल में सरकार ने उच्च गुणवत्ता वाले अस्पतालों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें योजना में शामिल किया है।

बड़े अस्पतालों के जुड़ने से बढ़ी इलाज की क्षमता (Advanced Healthcare Facilities UP)

हाल ही में 100 या उससे अधिक बेड वाले 55 बड़े अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है। इससे प्रदेश में सेकेंडरी और टर्शियरी स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं। अब गंभीर और जटिल बीमारियों का इलाज पहले से बेहतर तरीके से किया जा रहा है, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिली है।

सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का विस्तार (Specialized Treatment Services UP)

योगी सरकार ने केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर भी ध्यान दिया है। प्रदेश में अब न्यूरोसर्जरी, नियोनेटल केयर, ऑन्कोलॉजी, रेडियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी और बर्न मैनेजमेंट जैसी उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे मरीजों को बड़े शहरों या दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम हुई है।

ग्रामीण क्षेत्रों को मिला सबसे बड़ा लाभ (Rural Healthcare Benefits UP)

इन स्वास्थ्य सुविधाओं का सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिला है। पहले जहां इन इलाकों में आधुनिक इलाज की सुविधाएं सीमित थीं, अब आयुष्मान भारत योजना के जरिए बेहतर इलाज आसानी से उपलब्ध हो रहा है। इससे गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम हुआ है।