उत्तर प्रदेश सरकार ने गर्मी और सूखे से पहले पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु भूसा संग्रह अभियान तेज कर दिया है। अब तक 26.78 लाख कुंतल भूसा संग्रह किया जा चुका है और हजारों भूसा बैंक बनाए गए हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और आने वाले महीनों में पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर 'भूसा संग्रह अभियान' शुरू किया है। सरकार ने एक वर्ष के लिए करीब 131.40 लाख कुंतल भूसे की जरूरत का अनुमान लगाया है। इसके मुकाबले 60.99 लाख कुंतल भूसा संग्रह का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक 26.78 लाख कुंतल भूसा एकत्र किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 43.9 प्रतिशत है।
इस अभियान के तहत दान और खरीद दोनों माध्यमों से भूसा एकत्र किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी गो आश्रय स्थलों पर अस्थायी और स्थायी भूसा बैंक बनाए जाएं। साथ ही स्थानीय किसानों के सहयोग से भूसे की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
यूपी भूसा संग्रह अभियान में ललितपुर, देवरिया और गोरखपुर सबसे आगे
प्रदेश में भूसा संग्रह के मामले में ललितपुर जिला सबसे आगे चल रहा है। यहां निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 102.9 प्रतिशत भूसा संग्रह किया जा चुका है। इसके बाद देवरिया में 100.7 प्रतिशत और गोरखपुर में 96.1 प्रतिशत भूसा संग्रह हुआ है। मऊ, आगरा, महाराजगंज, सहारनपुर और हरदोई जैसे जिलों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। वहीं लखनऊ, कानपुर नगर, संभल और इटावा जैसे जिलों में अभी अपेक्षाकृत कम प्रगति हुई है। शासन ने इन जिलों में अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं।
दान से भूसा संग्रह में महाराजगंज और जौनपुर अव्वल
दान के जरिए भूसा संग्रह अभियान में अब तक 12.19 लाख कुंतल लक्ष्य के मुकाबले 2.65 लाख कुंतल भूसा एकत्र किया गया है। यह लगभग 21.8 प्रतिशत प्रगति को दर्शाता है। इस श्रेणी में महाराजगंज, जौनपुर, गाजियाबाद और रामपुर जैसे जिले सबसे आगे हैं। सरकार ने समाजसेवी संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, गोसेवकों और आम लोगों से भी अभियान में सहयोग की अपील की है, ताकि गो आश्रय स्थलों में पशुओं के लिए चारे की कमी न हो।
गो आश्रय स्थलों में गुणवत्ता युक्त पशु आहार पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गो आश्रय स्थलों में केवल गुणवत्ता युक्त और संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निर्देश दिए गए हैं कि पशु आहार केवल एफएसएसएआई मानकों और बीआईएस प्रमाणित आईएस 2023 के अनुसार ही खरीदा जाए।
सरकार ने पीसीडीएफ द्वारा तैयार “पराग” पशु आहार को प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए हैं। इसके अलावा पशु आहार की पैकिंग पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि का उल्लेख अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक गोवंश को प्रतिदिन कम से कम 500 ग्राम संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
यूपी में बनाए गए हजारों भूसा बैंक, टेंडर प्रक्रिया भी तेज
प्रदेश में अब तक 1905 अस्थायी और 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही भूसा टेंडर प्रक्रिया को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। 14 जिलों में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी जिलों में प्रक्रिया जारी है। साइलेज टेंडर प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी गो आश्रय स्थलों में पर्याप्त मात्रा में भूसा और पशु आहार उपलब्ध रहे, ताकि गर्मी और सूखे की स्थिति में भी पशुओं को परेशानी न हो।
गर्मी से बचाव के लिए गो आश्रय स्थलों में विशेष व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने सभी गो आश्रय स्थलों पर स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त छाया, कूलर और पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा स्थानीय किसानों के सहयोग से हरे चारे की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का मानना है कि गो संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, डेयरी विकास और कृषि आधारित जीवन प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार भूसा संग्रह, पशु आहार और गो आश्रय प्रबंधन को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है।

