लखनऊ में CM योगी आदित्यनाथ ने कृषिभारत-2024 का शुभारंभ किया, जहां कृषि और प्रौद्योगिकी के महाकुंभ में 1 लाख से अधिक किसानों को नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी।

लखनऊ। UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज 15 नवंबर को चार दिवसीय कृषिभारत-2024, कृषि और प्रौद्योगिकी महाकुंभ का शुभारंभ राजधानी के वृंदावन योजना मैदान में किया। सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले ये कार्यक्रम प्रदेश में पहली बार आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश में कृषि और पशुपालन क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने और उत्पादन को बढ़ाने के लिए आयोजित होने जा रहे इस मेले में प्रदेशभर के करीब 1 लाख किसानों के जुटेंगे। मेले में कृषि उद्योग से जुड़े देश और दुनिया के 200 एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों और तकनीक की प्रदर्शनियां लगाई गईं हैं। इस दौरान सीएम योगी ने किसान, कृषि और उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

किसानों की आय दोगुनी करने की सरकार लगातार कर रही पहल

कृषि उत्पादन आयुक्त, मोनिका एस गर्ग ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां 75% भूमि कृषि उपयोग में लायी जाती है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि मानती है और उनके कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। चूंकि, प्रदेश में कृषि क्षेत्र में मैकेनाइजेशन की कमी महसूस की जाती रही है। किसान अभी भी पारंपरिक तरीके से खेती कर रहे हैं, जबकि उन्हें लाइन बुवाई और जीरो सीड ड्रिल जैसी तकनीकों का उपयोग करना चाहिए। इससे न केवल उत्पादकता में वृद्धि होगी बल्कि खेती की लागत भी कम होगी।

प्रदेश में पहली बार हो रहा इस तरह के मेले का आयोजन

प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य कृषि में उन्नत तकनीकों को अपनाना और किसानों की आय को दोगुना करना है। इस कार्यक्रम में बायो टेक्नोलॉजी, पशुपालन, मत्स्य पालन और सिंचाई की नई तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों के साथ-साथ सरकारी योजनाओं और सब्सिडी की जानकारी भी दी जाएगी।

मेले में 200 से अधिक कंपनियां और 100 से अधिक स्टॉल्स होंगे शामिल

सीआईआई की प्रतिनिधि स्मिता अग्रवाल ने बताया कि इस आयोजन में दुनियाभर की 200 से अधिक कंपनियां भाग लेंगी। इसमें महिन्द्रा, आयशर, सोनालिका और एस्कॉर्ट जैसी बड़ी कंपनियां भी अपनी तकनीकों और उपकरणों का प्रदर्शन करेंगी। 11 तकनीकी सत्र और 8 किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।

किसानों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

कार्यक्रम में किसानों को सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के बारे में जानकारी दी जाएगी। किसानों के लिए बसों की व्यवस्था की गई है, जिससे एक लाख से अधिक किसानों को इस आयोजन में लाया जाएगा। यहां वे नई तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

नीदरलैंड्स होगा पार्टनर कंट्री

इस आयोजन में नीदरलैंड्स को पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल किया गया है। नीदरलैंड्स से आए विशेषज्ञ और सप्लायर्स अपने आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे। इससे उत्तर प्रदेश के किसानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

फार्मिंग में उद्यमिता को बढ़ावा देनेे पर जोर

कार्यक्रम के दौरान फार्मिंग में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा। किसानों को अपने कृषि व्यवसाय को उन्नत बनाने के लिए तकनीकी और व्यावसायिक जानकारी दी जाएगी, जिससे वे खेती को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में देख सकें।