गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण पर पीएम मोदी ने इसे नए उत्तर प्रदेश की पहचान बताया। यह परियोजना कनेक्टिविटी, उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देगी। हरिद्वार तक विस्तार की योजना भी शुरू हो चुकी है।
हरदोई। गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सिर्फ सड़कें नहीं बन रहीं, बल्कि इनके साथ पूरे प्रदेश का तेज़ी से विकास हो रहा है। उन्होंने इसे “नए उत्तर प्रदेश” की पहचान बताया और कहा कि यह एक्सप्रेसवे अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी और रोजगार के लिए एक नई लाइफलाइन बनेगा। प्रधानमंत्री के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे एक सामान्य सड़क परियोजना नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक बदलाव की मजबूत नींव है।
गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार योजना: हरिद्वार तक कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री ने बताया कि यह एक्सप्रेसवे मां गंगा के आशीर्वाद से जुड़ा है और इसका नाम भी उसी पर रखा गया है। अब लोग कम समय में संगम और काशी पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि पहले किसानों की फसल समय पर बाजार तक नहीं पहुंचती थी, लेकिन अब एक्सप्रेसवे से यह समस्या कम होगी और किसानों की आय बढ़ेगी।
मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स, हरदोई का हैंडलूम, उन्नाव का लेदर और प्रतापगढ़ का आंवला जैसे उत्पादों को नई मार्केट मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों में उद्योगों को आकर्षित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगा। सिर्फ पांच साल में तैयार हुआ यह प्रोजेक्ट अब हरिद्वार तक विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसे अन्य एक्सप्रेसवे से जोड़कर बड़ा नेटवर्क बनाया जाएगा।
यूपी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: बदलती तस्वीर और नई पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी प्रगति हुई है। राज्य में 21 एयरपोर्ट विकसित हो रहे हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय हैं। ब्रह्मोस मिसाइल जैसे प्रोजेक्ट यूपी की औद्योगिक ताकत को बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो राज्य कभी ‘बीमारू’ कहा जाता था, आज वही 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसरों से प्रदेश की छवि तेजी से बदल रही है।
पुरानी सरकारों पर निशाना और नई विकास राजनीति
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की कल्पना भी मुश्किल थी और पलायन आम बात थी। आज इन्वेस्टर समिट हो रहे हैं और उद्योग तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत में बनने वाले मोबाइल फोन का बड़ा हिस्सा अब उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश की पहचान अपराध और जंगलराज से जुड़ी थी, लेकिन अब विकास और निवेश से जुड़ रही है। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
यूपीडा प्रदर्शनी: एक्सप्रेसवे नेटवर्क और विकास मॉडल की झलक
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की प्रदर्शनी देखी। इसमें एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक संभावनाओं और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को एक्सप्रेसवे नेटवर्क, उसकी रणनीतिक उपयोगिता और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने इस नेटवर्क को “नए उत्तर प्रदेश” की आधारशिला बताया।
संस्कृति और विकास का संगम: प्रदर्शनी की खास झलकियां
प्रदर्शनी में सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत भी दिखाई गई। प्रयागराज महाकुंभ, आर्ट गैलरी, प्रतापगढ़ का पक्षी अभयारण्य और महात्मा बुद्ध की प्रतिमा जैसी झांकियों ने खास आकर्षण पैदा किया। इससे यह संदेश मिला कि राज्य में विकास के साथ-साथ परंपरा और संस्कृति को भी महत्व दिया जा रहा है।
क्षेत्रीय संतुलित विकास और कनेक्टिविटी में सुधार
प्रदर्शनी में गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण, इसके 12 जिलों से जुड़ाव और बेहतर कनेक्टिविटी को विस्तार से बताया गया। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को तेज बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय संतुलित विकास को भी बढ़ावा देगा।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स हब: निवेश के नए अवसर
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जाएंगे। इससे बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे: उत्तर प्रदेश के विकास का इंजन
प्रदर्शनी में स्पष्ट किया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे केवल सड़क नहीं, बल्कि आर्थिक बदलाव का बड़ा माध्यम है। बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और संतुलित क्षेत्रीय वृद्धि के जरिए यह परियोजना उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।


