सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि सनातन आस्था अजर-अमर है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक गौरव और आधुनिक विकास के साथ आगे बढ़ रहा है।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरवशाली सनातन विरासत और आधुनिक विकास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस यात्रा को आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताते हुए कहा कि भारत आज फिर अपने स्वाभिमान के शिखर की ओर बढ़ रहा है।

सनातन आस्था: अजर-अमर परंपरा का प्रतीक

सीएम योगी ने कहा कि भारत के शास्त्रों के अनुसार जैसे आत्मा अजर-अमर होती है, वैसे ही सनातन आस्था भी अमर है। उन्होंने कहा कि सदियों तक हुए आक्रमणों के बावजूद भारत की आस्था कभी कमजोर नहीं हुई। उन्होंने बताया कि करीब 1000 साल पहले सोमनाथ मंदिर पर विदेशी आक्रमण हुआ था, जिसमें मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया। लेकिन इसके बावजूद सनातन धर्म की आस्था अडिग रही और आज भी पूरी मजबूती से आगे बढ़ रही है।

सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण: सरदार पटेल का योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देशवासियों की इच्छा थी कि भारत को सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी मिले। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया और उसे पूरा किया। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने विरोध के बावजूद सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में भाग लिया और इसे सफल बनाया।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आधुनिक भारत

सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा शुरू किया गया सांस्कृतिक पुनर्जागरण आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि यह भारत की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक गौरव को आगे बढ़ाने का समय है।

अयोध्या, काशी और महाकुंभ: आस्था के नए केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और “जय श्री राम” का जयघोष देश-विदेश में सुनाई देता है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, विंध्यवासिनी मंदिर कॉरिडोर और प्रयागराज के कुंभ व महाकुंभ जैसे आयोजनों का भी उल्लेख किया, जो भारत की सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाते हैं।

सनातन शक्ति का निरंतर विस्तार

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थल देश और दुनिया के लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाकाल, केदारनाथ, बद्रीनाथ और रामेश्वरम जैसे तीर्थ भी भारत की आस्था और संस्कृति के प्रमुख केंद्र हैं, जो लगातार लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं।

1000 से अधिक श्रद्धालु सोमनाथ के लिए रवाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के तहत उत्तर प्रदेश से 1000 से अधिक श्रद्धालु गुजरात स्थित सोमनाथ धाम के लिए रवाना हो रहे हैं। इन श्रद्धालुओं में युवा, महिलाएं, उद्यमी, छात्र और शिक्षक शामिल हैं। सभी श्रद्धालु अपने-अपने क्षेत्रों के तीर्थों का जल लेकर सोमनाथ में अभिषेक करेंगे। उन्होंने बताया कि रेलवे द्वारा मुफ्त ट्रेन की सुविधा दी गई है और अन्य खर्च पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है।

यात्रा का उद्देश्य: आस्था और एकता को मजबूत करना

सीएम योगी ने कहा कि यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है और सांस्कृतिक पहचान मजबूत हो रही है।

कार्यक्रम में शामिल प्रमुख लोग

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, मंत्री डॉ. संजय निषाद, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य पवन चौहान, मुकेश शर्मा, लाल जी प्रसाद निर्मल और अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।