उत्तर प्रदेश सरकार की ओबीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत 2025-26 में 29 हजार से अधिक युवाओं को O Level और CCC कोर्स कराया गया। सरकार फीस का पूरा खर्च उठा रही है, जिससे युवाओं को डिजिटल स्किल और रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवक-युवतियों के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना एक अहम कदम साबित हो रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 29 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
O Level और CCC Course: हजारों युवाओं ने लिया प्रशिक्षण
इस योजना के अंतर्गत इंटरमीडिएट पास ओबीसी वर्ग के ऐसे युवक-युवतियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये या उससे कम है। सरकार यह प्रशिक्षण भारत सरकार की नीलिट (NIELIT) से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से कराती है। वर्ष 2025-26 में कुल 29,191 युवाओं को प्रशिक्षण मिला, जिनमें से 22,407 युवाओं ने ओ लेवल और 6,784 युवाओं ने सीसीसी कोर्स पूरा किया। यह आंकड़े योजना की लोकप्रियता और सफलता को दर्शाते हैं।
Free Computer Training: सरकार उठा रही पूरी फीस का खर्च
इस योजना के तहत प्रदेश में 299 संस्थानों का चयन किया गया है।
- 52 संस्थान केवल ओ लेवल
- 43 संस्थान केवल सीसीसी
- 204 संस्थान दोनों कोर्स संचालित कर रहे हैं
ओ लेवल कोर्स की अवधि 1 साल होती है, जबकि सीसीसी कोर्स 3 महीने में पूरा हो जाता है। सरकार ओ लेवल के लिए अधिकतम 15,000 रुपये और सीसीसी के लिए 3,500 रुपये तक का शुल्क सीधे संस्थानों को देती है, जिससे छात्रों को बड़ी राहत मिलती है।
Transparent Selection Process: जिला स्तर पर होता है चयन
अगर कोई छात्र पहले फीस जमा कर देता है, तो सत्यापन के बाद यह राशि उसके खाते में वापस कर दी जाती है। इससे योजना और भी पारदर्शी बनती है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जहां अभ्यर्थी और संस्थाएं आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। संस्थानों का चयन निदेशक की अध्यक्षता में और लाभार्थियों का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाता है, जिससे पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचता है।
Digital Empowerment: रोजगार के बेहतर अवसर की दिशा में कदम
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य ओबीसी युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह योजना पूरी पारदर्शिता के साथ लागू की जा रही है। हर साल बड़ी संख्या में युवा इस योजना से लाभ उठा रहे हैं और डिजिटल युग में अपनी पहचान बना रहे हैं।


