UP Police Bribery Video: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के खड्डा थाना क्षेत्र में SI द्वारा अनुसूचित जाति लड़की से जुड़े केस में 1.5 लाख की रिश्वत मांगने और 83,800 रुपए लेने का वीडियो वायरल। पीड़ित ने न्याय की लगाई गुहार। जानें पूरा मामला।

UP Police Bribery Video: यूपी के कुशीनगर जिले का एक शर्मनाक वीडियो सामने आया है। वीडियो एक दलित युवती से जुड़ा हुआ है। दलित युवती को भगाने के आरोपी एक मुस्लिम युवक को जेल से बचाने के लिए एक सब-इंस्पेक्टर ने 83 हजार रुपये परिजन से ले लिए। लेकिन जब लड़का जेल चला गया तो परिजन अपना पैसा वापस मांगने लगे। दरोगा, परिजन से समझौता कर रहे हैं और आगे मदद के नाम पर आधा पैसा ही देने को राजी है। इस पूरे प्रकरण का वीडियो सामने आने के बाद महकमा में हड़कंप मचा हुआ है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

जेल से बचाने के नाम पर मांगे 1.50 लाख रुपए

दरअसल, कुशीनगर के खड्डा थाना क्षेत्र में एक मुस्लिम युवक एक दलित समाज की लड़की के साथ फरार हो गया। युवती के परिजन ने आरोपी युवक के खिलाफ थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। कुछ ही दिनों बाद दोनों को बरामद कर लिया। इस मामले में युवक के

परिजन का आरोप है कि खड्डा थाने में तैनात एक एसआई ने केस को थाने पर ही निपटाने और जेल न भेजने के एवज में 1.5 लाख रुपए की मांग की। मजबूर होकर परिवार ने 83,800 रुपए दरोगा को दे दिए। लेकिन इसके बावजूद लड़के को जेल भेज दिया गया।

जब मांगे पैसे वापस तो दरोगा बोले-आधा दे दूंगा, बाकी खर्च हो गया

मामला तब और उछल गया जब पीड़ित परिवार ने पैसे वापस मांगे और दरोगा ने देने से मना कर दिया। थक-हारकर परिवार ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई।

6 मिनट 27 सेकेंड का वीडियो वायरल, रिश्वत लेते नजर आए SI

सोशल मीडिया पर वायरल हुए 6 मिनट 27 सेकेंड के वीडियो में एसआई सूर्यनाथ पासवान पीड़ित के झोपड़ी में कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं और मामले को रफा-दफा करने की बात कर रहे हैं। बातचीत में खुलकर पैसे देने और लेने का जिक्र हुआ है। वीडियो में दरोगा खुद स्वीकार करते हैं कि आधा पैसा दे दूंगा, बाकी खर्च हो गया है। वीडियो में दरोगा पीड़ित परिवार से पैर पकड़ने और माफी मांगने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। 

मामला अनुसूचित जाति लड़की से जुड़ा होने के कारण महकमा में भी हलचल है। उधर, पीड़ित असगर अली और उनके परिवार ने थाने में लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और रिश्वत के पैसे वापस करने की मांग की है।