मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस रेडियो नेटवर्क को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए हैं। सभी थानों की CCTV फुटेज के लिए सेंट्रल डैशबोर्ड बनाया जाएगा। 12 जिलों में डिजिटल वायरलेस सेवाएं भी शुरू होंगी।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए पुलिस रेडियो विभाग को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की लोकेशन, मूवमेंट और संचार प्रणाली की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संचार नेटवर्क में किसी भी प्रकार की तकनीकी सेंधमारी की संभावना नहीं रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिस रेडियो नेटवर्क को नई और अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जाए, ताकि दूरदराज के इलाकों तक भी निर्बाध संचार व्यवस्था उपलब्ध हो सके।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

सभी थानों की CCTV फुटेज के लिए बनेगा सेंट्रल डैशबोर्ड

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रल डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कानून-व्यवस्था की निगरानी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। बैठक में पुलिस रेडियो विभाग के पर्यवेक्षण और मॉनिटरिंग सिस्टम को और बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ और डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया।

वायरलेस नेटवर्क और संचार उपकरणों को किया जा रहा मजबूत

बैठक में बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में पुलिस थानों के लिए 275 फ्लैट बेस मास्ट, 5322 बैटरियां, 120 बैकपैक सेट और केबल, चार्जर व एंटीना जैसे कई संचार उपकरण खरीदे गए। इसके अलावा आधुनिकीकरण योजना के तहत 50 पीए सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने से उपकरण खरीद में करीब 1.23 करोड़ रुपये की बचत भी हुई।

12 जिलों में शुरू होंगी डिजिटल वायरलेस सेवाएं

वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि करीब 47 करोड़ रुपये की लागत से 12 जिलों में डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा दूरस्थ थानों के लिए सेल्फ सपोर्टेड मास्ट, पोर्टेबल संचार के लिए 5जी फिल्टर और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के लिए हैंड हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित करने की योजना भी बनाई गई है।

पुलिस विभाग में डिजिटल मानव संसाधन प्रबंधन पर जोर

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के मानव संसाधन प्रबंधन को भी पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कर्मचारियों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अपडेट किया जाए। चरित्र पंजिका, अवकाश और अन्य सेवा संबंधी प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को नई तकनीकों, कंप्यूटर प्रशिक्षण और संचार संदेशों की गुणवत्ता सुधार से जुड़े प्रशिक्षण नियमित रूप से उपलब्ध कराने पर भी विशेष बल दिया।