उत्तर प्रदेश में 28 लाख छात्रों को ₹3350 करोड़ की छात्रवृत्ति दी गई। वित्त वर्ष 2025-26 में 67 लाख छात्रों को ₹4800 करोड़ का लाभ मिला। यह योजना शिक्षा, पारदर्शिता और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 28 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया। यह राशि लगभग 3350 करोड़ रुपये है, जो वंचित और कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया और छात्रों के भविष्य को नई दिशा देने का काम किया।
शिक्षा में बड़ा कदम: 67 लाख छात्रों को ₹4800 करोड़ की छात्रवृत्ति
वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक करीब 67 लाख विद्यार्थियों को लगभग 4800 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण को भी मजबूत कर रही है। छात्रों के चेहरों पर दिख रही उम्मीद और आत्मविश्वास इस योजना की सफलता को दर्शाता है।
छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम: छात्रों में खुशी और आत्मविश्वास
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा बटन दबाकर जैसे ही छात्रवृत्ति की राशि खातों में भेजी गई, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। इस अवसर पर दीपेंद्र कुमार, नेहा सिंह, वैभवकर पाठक, सुजीत, दिव्यांशी, निहाल फातिमा, परिधि पांडेय और मोनिका को प्रमाण पत्र दिए गए। साथ ही राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत दीपमाला, अर्चना, शालिनी वर्मा और सर्वेश्वति को भी सहायता राशि प्रदान की गई।
समय पर छात्रवृत्ति: अब सत्र की शुरुआत में ही मिलेगा लाभ
अब छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया गया है। पहले जहां यह राशि सत्र के अंत में मिलती थी, अब इसे 2 अक्टूबर से ही जारी किया जा रहा है। अगले वर्ष से इसे सेमेस्टर आधारित करने की योजना है, जिससे छात्रों को फीस जमा करते समय ही आर्थिक मदद मिल सके। इसके लिए छात्र कार्ड बनाने की भी तैयारी चल रही है।
पारदर्शिता और तकनीकी सुधार: हर छात्र तक पहुंचे लाभ
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि बैंक खाते से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण कोई भी छात्र वंचित न रहे। जिन छात्रों को इस वर्ष तकनीकी कारणों से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई, उन्हें अगले वित्तीय वर्ष में यह लाभ दिया जाएगा। यह कदम प्रणाली को अधिक पारदर्शी और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता: योजनाओं का असर दिखा
मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत 43 विद्यार्थियों का पीसीएस में चयन हुआ है। वहीं भागीदारी कोचिंग से पहली बार एक छात्र आईएएस मेन्स तक पहुंचा है। यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही हैं।
पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग: 33 लाख छात्रों को मिला लाभ
जनवरी 2026 तक 20 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई। 30 मार्च को 13.52 लाख छात्रों को लाभ पहुंचाया गया। इस प्रकार, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के माध्यम से कुल 33 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लगभग 2700 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए दिए गए। खास बात यह है कि पहली बार 100% पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति देने में सफलता मिली है।
शिक्षा ढांचा मजबूत: कॉलेज और आईटीआई का विस्तार
अल्पसंख्यक क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करने के लिए 218 इंटर कॉलेज, 74 आईटीआई और 18 डिग्री कॉलेज स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा बरेली में यूनानी मेडिकल कॉलेज और 20 कॉमन सर्विस सेंटर भी शुरू किए गए हैं, जिससे शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
छात्रों की प्रतिक्रिया: छात्रवृत्ति से मिली नई दिशा
मैं आरआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में बीटेक कर रहा हूं। छात्रवृत्ति से मेरी पढ़ाई आसानी से चल रही है। मैं सरकार का धन्यवाद करता हूं।
-वैभवकर पाठक
मैं एसजीपीजीआई में बीएससी नर्सिंग की छात्रा हूं। छात्रवृत्ति ने मेरी पढ़ाई को आसान बना दिया है।
-दिव्यांशी


