मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ पर कहा, "खेल शक्ति ही राष्ट्र शक्ति।" यूपी में नई खेल संस्कृति, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और युवा खिलाड़ियों के लिए अवसरों का विस्तार, अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रभाव।

जब खेल मैदानों से आत्मविश्वास उभरता है और युवाओं की मेहनत राष्ट्र की ताकत बनती है, तब विकास केवल इमारतों तक सीमित नहीं रहता, वह संस्कार और संस्कृति का रूप ले लेता है। उत्तर प्रदेश में खेलों को लेकर यही परिवर्तनकारी तस्वीर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “खेल शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है” और नई खेल संस्कृति के माध्यम से उत्तर प्रदेश आज राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर वाराणसी के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया।

नई खेल संस्कृति ने बदली देश की सोच

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 से साढ़े 11 वर्षों में देश ने खेलों के प्रति सोच में ऐतिहासिक बदलाव देखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुए खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और अन्य योजनाओं ने खेल को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बना दिया है। अब खेल अनुशासन, फिटनेस और टीम भावना को मजबूत करने का आधार बन चुका है।

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गांव से ग्लोबल मंच तक दिख रहा परिणाम

सीएम योगी ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर से लेकर राष्ट्रीय मंच तक खेल प्रतियोगिताओं का विस्तार किया गया है। सांसद-विधायक खेलकूद प्रतियोगिता, ग्रामीण खेल आयोजन और जिला स्तर की स्पर्धाओं ने छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का काम किया है। इसका परिणाम यह है कि आज उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में न केवल भाग ले रहे हैं, बल्कि पहले की तुलना में कई गुना अधिक पदक भी जीत रहे हैं।

साईं और यूपी खेल निदेशालय के बीच एमओयू

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय के बीच नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE) के संचालन को लेकर एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। इस समझौते के तहत युवा खिलाड़ियों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण, वैज्ञानिक कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बना खेल विकास की रीढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि 43 वर्षों के बाद सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन उत्तर प्रदेश में होना, प्रदेश की बदली खेल तस्वीर का प्रमाण है। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत विकसित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम जैसे आधुनिक खेल परिसर प्रधानमंत्री मोदी के विजन का परिणाम हैं। हर गांव में खेल मैदान, हर जनपद में स्टेडियम और विकास खंड स्तर पर मिनी स्टेडियम निर्माण से खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिली है।

58 टीमों का वाराणसी में हुआ स्वागत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चैंपियनशिप में भाग ले रहीं देशभर की 58 टीमों — 30 पुरुष और 28 महिला टीमों — के खिलाड़ियों, कोच और अधिकारियों का काशी में स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

खिलाड़ियों से संवाद और हौसला अफजाई

मुख्यमंत्री ने स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण किया और जिम व खेल उपकरणों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने शूटिंग का अभ्यास कर रहे एक खिलाड़ी से संवाद किया और उसके प्रदर्शन को सराहा। विभिन्न खेलों में अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों की भी मुख्यमंत्री ने हौसला अफजाई की।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

शुभारंभ समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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