उत्तराखंड में खेल महाकुंभ 2026 शुरू हुआ। CM धामी ने खिलाड़ियों को 4% आरक्षण, 11 करोड़ की इनामी राशि और बेहतर खेल सुविधाओं का ऐलान किया।
टनकपुर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चंपावत जिले के टनकपुर में बने स्वर्गीय कैलाश चंद्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में 'खेल महाकुंभ-चीफ मिनिस्टर्स चैंपियनशिप ट्रॉफी 2026' की शुरुआत की। सीएम धामी ने राज्य की होनहार एथलीट गहना महर को मशाल सौंपकर इस बड़े खेल आयोजन का औपचारिक रूप से आगाज़ किया।
इस मौके पर हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों ने अनुशासन, निष्पक्षता और सच्ची खेल भावना से खेलने की शपथ ली। उत्तराखंड CMO से जारी प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, खिलाड़ियों ने योगासन और उत्तराखंड के पारंपरिक खेल 'मुर्गा झपट्टा' का भी प्रदर्शन किया।
गांवों की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच
राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए सीएम धामी ने कहा कि खेल महाकुंभ उत्तराखंड के गांवों की खेल प्रतिभाओं को राज्य, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का एक मज़बूत प्लेटफॉर्म बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह पक्का करने में जुटी है कि किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को मौकों, संसाधनों या सही मंच की कमी की वजह से पीछे न रहना पड़े।
खेलों से बनता है आत्मविश्वास और मजबूत चरित्र- CM धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सिर्फ मेडल जीतने के बारे में नहीं होते, बल्कि ये अनुशासन सिखाते हैं, आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, चुनौतियों का सामना करने की क्षमता पैदा करते हैं और हार के बाद फिर से उठ खड़े होने की हिम्मत देते हैं। खेल न सिर्फ एक स्वस्थ शरीर बनाते हैं, बल्कि एक मज़बूत चरित्र और एक मज़बूत राष्ट्र बनाने में भी मदद करते हैं। राज्य सरकार इसी मकसद से काम कर रही है कि उत्तराखंड के युवाओं के सुनहरे भविष्य के लिए खेल एक अहम बुनियाद बनें।
2017 में शुरू हुआ खेल महाकुंभ, अब 10वें संस्करण में पहुंचा
सीएम धामी ने बताया कि राज्य के गांवों में छिपी खेल प्रतिभाओं को एक मंच देने के मकसद से 2017 में खेल महाकुंभ की शुरुआत की गई थी। यह आयोजन अब अपने 10वें संस्करण में पहुंच गया है। पिछले साल खेल महाकुंभ में 2.2 लाख से ज़्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, और उन्होंने भरोसा जताया कि इस साल और भी बड़ी संख्या में बच्चे और युवा इसमें शामिल होंगे।
न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगी खेल प्रतियोगिताएं
उन्होंने कहा कि इस साल खेल महाकुंभ को और बड़ा रूप दिया गया है। प्रतियोगिताएं न्याय पंचायत स्तर से शुरू होंगी और फिर विधानसभा और संसदीय क्षेत्र के स्तर से होते हुए राज्य स्तर पर खत्म होंगी। इससे खिलाड़ियों को अलग-अलग स्टेज पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद गांवों और दूर-दराज के इलाकों में खेल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए भरपूर मौके देना है।
खिलाड़ियों को मिलेगा 11 करोड़ रुपये का इनाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक के विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इस साल करीब 11 करोड़ रुपये की इनामी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
खेल महाकुंभ के मेडल विजेताओं को सरकारी नौकरी में 4% आरक्षण
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि इस साल से, राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ प्रतियोगिताओं में मेडल जीतने वाले खिलाड़ी सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत हॉरिज़ॉन्टल रिज़र्वेशन के हकदार होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, प्रतिभा और उम्मीदों का सम्मान है।
38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
सीएम धामी ने कहा कि राज्य की मेज़बानी में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया और उत्तराखंड का मान बढ़ाया। उन्होंने भरोसा जताया कि खेल महाकुंभ के मंच से निकलने वाली प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करेंगी।
Khelo India और Fit India से खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति नज़रिए में एक बड़ा बदलाव आया है। 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया मूवमेंट' जैसी पहलों ने गांवों और दूर-दराज के इलाकों की खेल प्रतिभाओं को आगे आने का मौका दिया है। बेहतर ट्रेनिंग, आधुनिक सुविधाओं और ज़्यादा प्रोत्साहन के साथ, भारत ग्लोबल स्पोर्ट्स स्टेज पर लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है।
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में, उत्तराखंड सरकार भी राज्य में खेलों और खिलाड़ियों के चौतरफा विकास के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य की नई खेल नीति के तहत, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट-ऑफ-टर्न अपॉइंटमेंट पॉलिसी के ज़रिए सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्त किया जा चुका है, जबकि 38वें राष्ट्रीय खेलों के मेडल विजेताओं को विभिन्न विभागों में रोज़गार देने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
खिलाड़ियों को मुफ्त ट्रेनिंग और सुविधाएं
सीएम धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री खेल विकास निधि के ज़रिए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों और स्पोर्ट्स हॉस्टलों में चुने गए खिलाड़ियों को मुफ्त ट्रेनिंग, रहना, खाना, खेल के सामान, स्पोर्ट्स किट, शिक्षा और मेडिकल सुविधाएं दी जा रही हैं।
8 से 14 साल के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि चैंपियन बचपन से ही अपनी तैयारी शुरू करते हैं। इसी सोच के साथ, मुख्यमंत्री उभरते खिलाड़ी विकास योजना के तहत 8 से 14 साल के बच्चों को हर महीने स्कॉलरशिप दी जा रही है, ताकि उनकी खेल प्रतिभा को कम उम्र से ही सही दिशा और प्रोत्साहन मिल सके।
उन्होंने बताया कि 14 से 23 साल के खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत हर महीने स्कॉलरशिप के साथ-साथ खेल के सामान खरीदने के लिए आर्थिक मदद भी दी जा रही है। प्रतियोगिताओं और ट्रेनिंग के दौरान दुर्घटना होने पर खिलाड़ियों के लिए बीमा का भी इंतज़ाम किया गया है।
उत्तराखंड में आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे उत्तराखंड में मज़बूत और आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए तेज़ी से काम कर रही है। हाल ही में, हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य खेल विश्वविद्यालय के पहले चरण का शिलान्यास किया गया और इसके पहले एकेडमिक सेशन का भी उद्घाटन हुआ। खटीमा में एडवांस खेल सुविधाओं से लैस एक आधुनिक स्टेडियम बनाने की भी घोषणा की गई है।
'एक जिला, एक खेल' से बनेगी अलग खेल पहचान
उन्होंने कहा कि 'एक ज़िला, एक खेल' पहल के ज़रिए अलग-अलग खेलों और स्थानीय एथलीटों को बढ़ावा देने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य हर ज़िले की एक अलग खेल पहचान बनाना और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के भरपूर मौके देना है।
खिलाड़ियों से सीएम धामी की बड़ी अपील
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से अपील की कि वे पूरी ताकत, लगन, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ मैदान में उतरें और खेल के प्रति अपने जुनून को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी प्रतिभा को निखारने, बेहतर सुविधाएं देने और उनका भविष्य सुरक्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
उत्तराखंड को 'खेल भूमि' बनाने का लक्ष्य
सीएम धामी ने विश्वास जताया कि खेल महाकुंभ 2026 उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प से उत्तराखंड को देश की 'खेल भूमि' के रूप में स्थापित करने का 'विकल्प रहित संकल्प' ज़रूर पूरा होगा।


