MDDA ने ऋषिकेश और डोईवाला में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन भवन सील किए। दो जगह नक्शे के विपरीत, एक जगह बिना नक्शे निर्माण मिला।
देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अपने क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। सोमवार को प्राधिकरण की टीम ने ऋषिकेश और डोईवाला में तीन अलग-अलग मामलों में सीलिंग की कार्रवाई की। इन मामलों में दो भवनों में स्वीकृत नक्शे के मुताबिक निर्माण नहीं किया जा रहा था, जबकि एक जगह बिना नक्शा पास कराए ही निर्माण कराया जा रहा था।
एमडीडीए की इस कार्रवाई के बाद निर्माणकर्ताओं और भवन स्वामियों में हलचल बढ़ गई है। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि निर्माण नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी तरह की राहत नहीं दी जाएगी और आगे भी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
MDDA की सख्ती: अनधिकृत निर्माण पर लगातार निगरानी
एमडीडीए अधिकारियों के मुताबिक प्राधिकरण क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अगर स्वीकृत मानचित्र से अलग निर्माण मिलता है या बिना नक्शा स्वीकृत कराए निर्माण किया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 के तहत कार्रवाई की जाती है। इसी अभियान के तहत सोमवार को ऋषिकेश और डोईवाला में तीन निर्माण स्थलों पर कार्रवाई की गई।
Rishikesh में दो भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई
ऋषिकेश के गली नंबर-10, मनीराम रोड पर जयप्रकाश की ओर से निर्माण कराया जा रहा था। जांच में सामने आया कि निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं था। यानी पास किए गए नक्शे से हटकर निर्माण किया जा रहा था। अनधिकृत निर्माण की पुष्टि होने के बाद एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची और भवन को सील कर दिया।
दूसरा मामला ऋषिकेश के निर्मल ब्लॉक-बी का है। यहां ओम प्रकाश पना के भवन में भी स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण पाया गया। प्राधिकरण के अनुसार, पहले से बने बेसमेंट और भूतल पर दुकानें संचालित हो रही थीं। इनके ऊपर प्रथम तल पर स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण किया गया था। जांच के बाद संबंधित निर्माण को सील कर दिया गया।
Doiwala में बिना नक्शे के निर्माण पर MDDA का शिकंजा
डोईवाला के दुधली रोड, चांदमारी में अनिल पॉचाल विश्वकर्मा द्वारा भूतल और प्रथम तल का निर्माण कराया जा रहा था। इस निर्माण के लिए प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया था। जांच के दौरान निर्माण को अनधिकृत पाए जाने पर एमडीडीए की ओर से संबंधित मामले में वाद दायर किया गया। इसके बाद सोमवार को प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार निर्माण को सील कर दिया।
MDDA Vice Chairman Banshidhar Tiwari ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी तरह का अनधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण करना या बिना मानचित्र की मंजूरी के निर्माण शुरू करना नियमों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि एमडीडीए की टीमें लगातार निर्माण गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आ रहा है, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। इसका मकसद देहरादून, ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में विकास को व्यवस्थित और नियोजित तरीके से आगे बढ़ाना है।
तिवारी ने भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं से अपील की कि वे निर्माण शुरू करने से पहले जरूरी अनुमतियां हासिल करें। साथ ही निर्माण केवल स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही कराया जाए। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सीलिंग के साथ दूसरी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
Unauthorized Construction पर MDDA का अभियान जारी रहेगा
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी साफ किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी चलता रहेगा। उन्होंने भवन स्वामियों से कहा कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले सभी जरूरी अनुमति और स्वीकृति लेना जरूरी है। इसके बाद भी निर्माण स्वीकृत मानचित्र के मुताबिक ही किया जाना चाहिए। बर्निया के मुताबिक प्राधिकरण क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित निर्माण को सील करने के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
