मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में आधुनिक राज्य अतिथि गृह बनाया जाएगा। चारधाम यात्रा, केदारनाथ रूट, प्रशासनिक गतिविधियों और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए परियोजना को प्राथमिकता दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में चारधाम यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल की जा रही है। इसी क्रम में रुद्रप्रयाग जिले के रतूड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के निर्माण को लेकर शुक्रवार को राज्य सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

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बैठक की अध्यक्षता सचिव राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने की। इस दौरान अतिथि गृह की रूपरेखा, डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया और अन्य तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

चारधाम यात्रा परियोजना के तहत रतूड़ा में चिन्हित की गई भूमि

चारधाम यात्रा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही इस परियोजना के लिए रतूड़ा क्षेत्र में लगभग 0.375 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है। यह परियोजना मुख्यमंत्री घोषणाओं में शामिल होने के कारण सरकार की प्राथमिकता सूची में रखी गई है। बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राज्य अतिथि गृह के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द से जल्द तैयार कर शासन को प्रस्तुत की जाए, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय के भीतर शुरू किया जा सके।

आधुनिक पहाड़ी वास्तुकला के साथ विकसित होगा राज्य अतिथि गृह

सचिव राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, रुद्रप्रयाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भवन का निर्माण आधुनिक पहाड़ी वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने कहा कि भवन की डिजाइन तैयार करते समय उत्तराखंड की पारंपरिक वास्तुकला, प्राकृतिक वातावरण और पर्वतीय क्षेत्रों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे यह भवन केवल एक सरकारी आवासीय परिसर नहीं बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतिनिधित्व करेगा।

वीआईपी सुविधाएं, पार्किंग और बैठक कक्षों का होगा समुचित प्रबंध

बैठक में यह भी तय किया गया कि वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ भविष्य में बढ़ने वाली मांग को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में अतिथि कक्ष, सम्मेलन कक्ष, वीआईपी सूट, पार्किंग सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि परियोजना को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तैयार किया जाए ताकि आने वाले वर्षों में भी इसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

एनजीटी मानकों और पर्यावरणीय नियमों का होगा पालन

बैठक के दौरान पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी मानकों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया। सचिव राज्य संपत्ति ने निर्देश दिए कि भवन निर्माण के दौरान राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि भवन की नदी से दूरी, ऊंचाई और अन्य निर्माण संबंधी सभी मानकों को पर्वतीय क्षेत्रों के लिए निर्धारित नियमों के अनुरूप रखा जाए। साथ ही निर्माण गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और परियोजना को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया जाए।

चारधाम यात्रा, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि रुद्रप्रयाग जिला चारधाम यात्रा का प्रमुख केंद्र है और केदारनाथ धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही इसी क्षेत्र से होती है। राज्य अतिथि गृह के निर्माण से वीआईपी अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासनिक टीमों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी। इसके अलावा आपदा प्रबंधन, उच्चस्तरीय बैठकों और सरकारी कार्यक्रमों के संचालन में भी यह सुविधा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

परियोजना की नियमित निगरानी करेगी सरकार

बैठक में अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी, अधिशासी अभियंता इन्द्रजीत बोस तथा सहायक अभियंता ओमप्रकाश चन्द्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने का भरोसा दिलाया।

क्या बोले सचिव राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार

सचिव राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच के अनुरूप राज्य की परिसंपत्तियों को आधुनिक और अधिक उपयोगी स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रतूड़ा में बनने वाला राज्य अतिथि गृह चारधाम यात्रा और प्रशासनिक आवश्यकताओं दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। इसे आधुनिक पहाड़ी वास्तुकला, उच्च गुणवत्ता और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। अधिकारियों को डीपीआर जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।