उत्तराखंड के 199 लंबित मामलों को विशेष लोक अदालत 2026 के लिए चिन्हित किया गया। मुख्य सचिव ने विभागों को समझौते और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आगामी अगस्त माह में नई दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय में आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत (समाधान समारोह-2026) के लिए उत्तराखंड सरकार की तैयारियों का आकलन करना था। इस दौरान राज्य की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले लंबित मामलों की स्थिति और विभागीय समन्वय व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।

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21 से 23 अगस्त तक होगी सर्वोच्च न्यायालय में विशेष लोक अदालत

बैठक में जानकारी दी गई कि सर्वोच्च न्यायालय में 21 से 23 अगस्त 2026 के बीच विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों को सौहार्दपूर्ण समाधान के माध्यम से निस्तारित करने का प्रयास किया जाएगा। विभागवार मामलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

199 मामलों को विशेष लोक अदालत के लिए किया गया चिन्हित

समीक्षा बैठक में बताया गया कि उत्तराखंड राज्य से विभिन्न विभागों और कानूनी श्रेणियों के कुल 199 मामलों को विशेष लोक अदालत के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें दीवानी और फौजदारी मामलों के अलावा बैंकिंग, उपभोक्ता विवाद, पारिवारिक विवाद, श्रम एवं औद्योगिक कानून से जुड़े प्रकरण भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, संपत्ति कर, किराया नियंत्रण, बेदखली, सेवा संबंधी विवाद तथा स्थानांतरण याचिकाओं से जुड़े मामलों को भी इस विशेष लोक अदालत में शामिल किया गया है।

समझौते की संभावनाओं पर प्राथमिकता से काम करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चिन्हित मामलों का गंभीरता से परीक्षण किया जाए और जहां भी समझौते की संभावना हो, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए विभागों को सक्रिय और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना होगा।

नोडल अधिकारियों को पक्षकारों से संवाद बढ़ाने के निर्देश

बैठक में विभागीय नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे संबंधित पक्षों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करें और विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए निरंतर प्रयास करें। मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग नियमित रूप से मामलों की समीक्षा करें और उनकी प्रगति की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराएं।

राज्य और जिला स्तर पर समन्वय मजबूत करने पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि विशेष लोक अदालत की सफलता के लिए राज्य और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय आवश्यक है। सभी विभाग आपसी सहयोग और समन्वय के साथ कार्य करें ताकि मामलों के समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

नागरिकों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से मिलेगी राहत

उन्होंने कहा कि विशेष लोक अदालत वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से नागरिकों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलेगी, साथ ही समय और संसाधनों की भी बचत होगी। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।