Alaknanda River Flood: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भारी बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं। अलकनंदा किनारे भगवान शिव की विशाल प्रतिमा जलमग्न हो गई है, जबकि भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे बंद है।

Uttarakhand Rain Update: उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जबकि कई इलाकों में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सबसे चौंकाने वाली तस्वीर बेलनी क्षेत्र से सामने आई है, जहां अलकनंदा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि नदी किनारे स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा पूरी तरह पानी में समा गई। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

अलकनंदा और मंदाकिनी उफान पर, हाईवे बंद होने से यात्री फंसे

रविवार रात से जारी भारी बारिश के बाद अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। श्रीनगर-रुद्रप्रयाग मार्ग के सिरोबगड़ क्षेत्र में भूस्खलन होने से बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया है। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, केदारनाथ हाईवे के बांसबाड़ा क्षेत्र में लगातार पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इस इलाके में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

यह भी पढ़ें: बीच सड़क पर बंद हो गई Electric Car, फिर सेना के जवान ने जो किया... Video जीत रहा करोड़ों दिल

प्रशासन अलर्ट, राहत और बचाव दल तैनात

बारिश के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पुलिस, आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। अलकनंदा नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का कहना है कि भूस्खलन प्रभावित इलाकों में हालात तेजी से बदल सकते हैं, इसलिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है।

लोगों और यात्रियों के लिए जारी हुई अहम सलाह

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और गैरजरूरी यात्रा टालने की अपील की है। खासकर बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम जाने वाले यात्रियों से कहा गया है कि यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोग केवल मौसम विभाग और सरकारी एजेंसियों की आधिकारिक एडवाइजरी पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है।

यह भी पढ़ें: संसद के बाहर प्रदर्शन हुआ हिंसक! अभिजीत दीपके की हिरासत पर दावे-प्रतिदावे, कई लोग घायल