IPS Ankita Sharma: छत्तीसगढ़ की IPS अधिकारी अंकिता शर्मा की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। स्टोइजिज्म की किताब से प्रेरित इस पोस्ट में उन्होंने समझदार सोच, सिद्धांतों पर कायम रहने और भीड़ से अलग रास्ता चुनने का संदेश दिया है।

Ankita Sharma IPS: रायपुर: छत्तीसगढ़ की पहली महिला IPS अधिकारी और वर्तमान में राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा अपनी सख्त पुलिसिंग और ‘लेडी सिंघम’ वाली छवि के लिए जानी जाती हैं। लेकिन उनके व्यक्तित्व का एक दूसरा पहलू भी है, जो उनकी सोशल मीडिया पोस्ट में अक्सर नजर आता है। हाल ही में उन्होंने दिमाग, सोच और अपने सिद्धांतों को लेकर ऐसी बात शेयर की, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया।

30 अगस्त को इंस्टाग्राम पर शेयर की गई उनकी पोस्ट को अब तक 70 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं। पोस्ट में लिखा था, “भले ही समझदार दिमाग बिकने भी लगें, तो भी उन्हें कोई खरीदार नहीं मिलेगा। लेकिन विकृत दिमाग तो यहां हर रोज खरीदे और बेचे जाते हैं।” इस विचार के पीछे की कहानी अंकिता शर्मा ने NDTV से खास बातचीत में बताई।

स्टोइजिज्म की किताब से मिला विचार

अंकिता शर्मा ने बताया कि वह इन दिनों स्टोइजिज्म दर्शन पर आधारित एक अंग्रेजी किताब पढ़ रही थीं। इसी किताब में उन्हें यह कोटेशन मिला, जो उन्हें बेहद पसंद आया। उन्हें लगा कि यह विचार आज के दौर में काफी प्रासंगिक है और इसलिए उन्होंने इसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।

उनके मुताबिक, इस विचार को सिर्फ दिमाग की अच्छाई या बुराई तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। इसका संबंध व्यक्ति के सिद्धांतों और अपने फैसलों पर कायम रहने से भी है।

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‘एक स्टैंड लिया है तो उस पर टिके रहना जरूरी’

अंकिता शर्मा इस विचार को समझाते हुए कहती हैं कि जिंदगी में अगर कोई व्यक्ति किसी सही बात को लेकर अपना स्टैंड लेता है तो मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उस पर कायम रहना जरूरी है। रास्ते में कितनी भी चुनौतियां आएं, उसे अपने फैसले से पीछे नहीं हटना चाहिए।

वह इसकी तुलना नदी की धारा के विपरीत बहने से करती हैं। उनके अनुसार, जो लोग भीड़ से अलग रास्ता चुनने और मुश्किलों का सामना करने का साहस रखते हैं, वे असफलताओं से डरकर पीछे नहीं हटते। आखिरकार उन्हें सफलता के साथ आत्म-संतोष भी मिलता है।

कौन हैं IPS अंकिता शर्मा?

25 जून 1990 को जन्मीं अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के सिकोसा गांव से आती हैं। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2017 में ऑल इंडिया 203वीं रैंक हासिल की और उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला।

UPSC में उन्हें तीसरे प्रयास में सफलता मिली। पहले प्रयास में वह मुख्य परीक्षा तक पहुंचीं, जबकि दूसरे प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर सकीं। इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और आखिरकार अपने लक्ष्य को हासिल किया।

नक्सल ऑपरेशन की भी संभाली कमान

IPS बनने के बाद अंकिता शर्मा की पहली पोस्टिंग भाटापारा में हुई। इसके बाद उन्होंने रायपुर के आजाद चौक की CSP के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। मई 2022 में उन्हें खैरागढ़ का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया और वह वहां की पहली महिला SP बनीं।

उन्होंने नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों की कमान भी संभाली। फिलहाल अंकिता शर्मा राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक के तौर पर जिम्मेदारी निभा रही हैं।

उनकी हालिया सोशल मीडिया पोस्ट उनके पुलिस अधिकारी वाले व्यक्तित्व से अलग एक ऐसा पक्ष सामने लाती है, जिसमें अनुशासन, विचारों की मजबूती और अपने सिद्धांतों पर टिके रहने का संदेश दिखाई देता है।