Raksha Bandhan Gift Scam: क्या आपके भी वॉट्सऐप पर रक्षाबंधन फ्री गिफ्ट ऑफर लिंक आया? क्लिक करने से पहले जान लें यह स्कैम कैसे काम करता है, फर्जी लिंक कैसे पहचानें।

Rakhi Cyber Fraud Safety Tips: आज देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। भाई-बहन एक-दूसरे को तोहफे और शुभकामनाएं भेज रहे हैं, लेकिन इसी खुशी के माहौल में ऑनलाइन ठग भी एक्टिव हो गए हैं। अगर आपके वॉट्सऐप (WhatsApp) पर भी 'रक्षाबंधन स्पेशल फ्री गिफ्ट', 'फ्री 3 महीने का रिचार्ज' या 'लकी ड्रॉ में जीतें स्मार्टफोन' जैसा कोई लिंक आया है, तो उस पर क्लिक करने से पहले संभल जाएं। यह एक बड़ा स्कैम हो सकता है। जानिए इससे कैसे बचें और क्या न करें...

कैसे काम करता है यह 'फ्री गिफ्ट' वाला फ्रॉड?

  • स्कैमर्स त्योहारों के मौके पर लोगों की भावनाओं और उत्सुकता का फायदा उठाते हैं।
  • आकर्षक ऑफर का लालच देने वाले इन मैसेज में दावा किया जाता है कि बड़ी कंपनियां जैसे अमेजन (Amazon) या फ्लिपकार्ट (Flipkart) रक्षाबंधन पर सबको मुफ्त गिफ्ट बांट रही हैं।
  • लिंक पर क्लिक करते ही एक ऐसी वेबसाइट (Phishing Link) खुलती है, जो देखने में बिल्कुल असली ब्रांड जैसी लगती है।
  • गिफ्ट क्लेम करने के लिए आपसे कहा जाता है कि टइस मैसेज को अपने 5 WhatsApp ग्रुप या 10 दोस्तों को भेजें।'
  • जैसे ही आप आगे बढ़ते हैं, आपसे नाम, फोन नंबर, बैंक डिटेल्स मांगी जाती हैं या फोन में कोई अनजान ऐप या फाइल डाउनलोड करवा दी जाती है।

फर्जी लिंक पहचानने के 4 आसान तरीके

  • असली वेबसाइट amazon.in या flipkart.com होती है, जबकि फर्जी लिंक amazon-free-gift.xyz या festive-offer-2026.club जैसे दिखते हैं।
  • कोई भी कंपनी बिना किसी कारण के हजारों रुपए का फोन या कैश फ्री में नहीं बांटती हैं।
  • इन मैसेजेस में अक्सर हिंदी या इंग्लिश की गलत स्पेलिंग और अजीब इमोजी की भरमार होती है।
  • 'ऑफर सिर्फ अगले 15 मिनट के लिए मान्य है' जैसी लाइनें सिर्फ आपको जल्दबाजी में फंसाने के लिए लिखी जाती हैं।

अगर गलती से लिंक पर क्लिक हो गया, तो क्या करें?

  • तुरंत उस पेज को बंद कर दें और कोई भी फॉर्म या पर्सनल डिटेल न भरें।
  • अगर कोई अनजान फाइल या APK ऐप डाउनलोड हो गई है, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें।
  • किसी भी सूरत में आने वाला OTP किसी के साथ शेयर न करें।
  • अपने बैंक या UPI का पिन तुरंत बदल लें।
  • साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 डायल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।