Telegram Ban News: भारत में टेलीग्राम बैन क्यों किया गया? NEET री-एग्जाम से इसका क्या कनेक्शन है? टेलीग्राम का कौन-सा फीचर सरकार ने बंद कर दिया है? क्या सच में टेलीग्राम पर नीट पेपर लीक हो रहा था? NTA ने छात्रों से क्या कहा है?

Telegram Edit Feature Ban: देश के लाखों मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। NEET UG 2026 की दोबारा होने वाली परीक्षा (NEET 2026 Re-Examination) से ठीक पहले भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। देश में पॉपुलर मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) को अस्थाई रूप से बैन यानी प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कड़ा फैसला उन वायरल दावों और अफवाहों के बाद आया है, जिसमें टेलीग्राम के जरिए नीट परीक्षा का पेपर लीक होने की बात कही जा रही थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अब इस पर अपना सबसे सख्त बयान जारी किया है। आइए जानते हैं सरकार ने यह बैन क्यों लगाया है और टेलीग्राम का वो कौन सा फीचर है जिसने इस पूरे विवाद को जन्म दिया...

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

टेलीग्राम पर सरकार ने बैन क्यों लगाया?

नीट यूजी 2026 का री-एग्जाम 21 जून को होने जा रहा है। परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष हो, इसके लिए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने दो बड़े निर्देश जारी किए हैं। पहला सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत पूरे देश में टेलीग्राम ऐप के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। यह पाबंदी 22 जून 2026 तक लागू रहेगी, ताकि परीक्षा का दिन और उसके ठीक बाद का समय पूरी तरह सुरक्षित रहे। दूसरा टेलीग्राम पर किसी भी पुराने भेजे गए मैसेज को बदलने (Edit) वाले फीचर को 30 जून 2026 तक के लिए ब्लॉक कर दिया गया है। NTA ने साफ-साफ कहा है कि 'अफवाहों को अपना भविष्य तय मत करने दीजिए। परीक्षा से पहले किसी के भी पास, जी हां किसी के पास भी पेपर नहीं है। परीक्षा पूरी तरह सेफ है।'

टेलीग्राम के किस फीचर से पेपर लीक हुआ?

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा टेलीग्राम के 'मैसेज एडिटिंग' फीचर को लेकर हुआ है। NTA ने बताया कि साइबर फ्रॉड करने वाले शातिर नेटवर्क इस फीचर का गलत इस्तेमाल कर रहे थे।

टेलीग्राम के 'Edit' बटन से कैसे रचा गया 'पेपर लीक' का फर्जी खेल?

  • टेलीग्राम पर एडमिन किसी भी पुराने मैसेज को एडिट कर सकता है, लेकिन उसका ओरिजिनल टाइम (Timestamp) नहीं बदलता।
  • ये जालसाज परीक्षा शुरू होने से पहले कोई साधारण सा मैसेज या फाइल ग्रुप में डाल देते थे।
  • जैसे ही परीक्षा खत्म होती और असली प्रश्न पत्र बाहर आता, ये लोग चुपके से उस पुराने मैसेज को एडिट करके उसमें असली पेपर की PDF डाल देते थे।
  • इसके बाद उस मैसेज का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया जाता और दावा किया जाता कि 'देखिए, हमारे पास तो पेपर एग्जाम से 2 घंटे पहले ही आ गया था।'
  • इसी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने टेलीग्राम के एडिट फीचर को ही भारत में लॉक कर दिया है।

नीट पेपर, प्राइवेट माफिया और ₹1.5 करोड़ का स्कैम

NTA पिछले कई महीनों से टेलीग्राम के संदिग्ध चैनल्स पर नजर रख रहा था। ऐप पर "PAPER LEAKED NEET", "Re-NEET 2026", "Private Mafia" और "REE NEET MAFIAA" जैसे नामों से ग्रुप्स धड़ल्ले से चल रहे थे। ये ग्रुप्स छात्रों और उनके परिवारों से पेपर के बदले कुछ हजार रुपयों से लेकर लाखों रुपये तक की डिमांड कर रहे थे।

नीट पेपर लीक को लेकर अब तक क्या एक्शन हुए?

इस मामले में जांच एजेंसियां लगातार एक्शन में हैं। अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराज्यीय गैंग को दबोचा है, जो 8 टेलीग्राम चैनल्स चला रहा था। जांच में सामने आया कि इन्होंने फर्जी बैंक अकाउंट्स के जरिए करीब ₹1.5 करोड़ का लेन-देन किया और एक ही महीने में 1,000 से ज्यादा छात्रों से संपर्क किया। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भी 9 जून को ही एडवाइजरी जारी कर छात्रों को इन ऑनलाइन ठगों से सचेत रहने को कहा था।

छात्रों की परेशानी पर NTA ने क्या कहा?

एनटीए की तरफ से कहा गया, 'हम जानते हैं कि देश के लाखों छात्र टेलीग्राम का इस्तेमाल पढ़ाई के नोट्स, क्विज़ और एजुकेशनल ग्रुप्स के लिए करते हैं। NTA ने भी माना है कि इस बैन से ईमानदार छात्रों को थोड़ी परेशानी जरूर होगी, जिसके लिए एजेंसी ने खेद जताया है। लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए यह कड़ा कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था।'