उज्जवला योजना (Ujjwala Scheme) के लाभार्थियों को ही सिर्फ सब्सिडी (LPG Subsidy) का फायदा दिया जाएगा। अन्य उपभोक्ताओं की सब्सिडी खत्म हो सकती है। एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) की कीमतों में बढ़ोतरी लगातार जारी है। बीते साल वर्ष 2021 में सिलेंडर की कीमत लगातार बढ़ोतरी हो रही है।  

नई दिल्ली। रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी से जुड़ी एक बड़ी खबर जल्द ही सामने आ सकती है। माना जा रहा है कि एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी से जुड़ी होगी। इसके अलावा, यह खबर सब्सिडी से जुड़ी हो सकती है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की वजह से क्रूड आयल की कीमतों में इजाफा हुआ है। दावा यह भी किया जा रहा है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत एक हजार रुपए पर पहुंचेगी। 

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हालांकि, एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती महंगाई को लेकर फैक्ट अभी सामने नहीं आए हैं। मगर सरकार के आंतरिक मूल्यांकन में माना जा रहा है कि उपभोक्ता को एक सिलेंडर के लिए एक हजार रुपए का भुगतान करना पड़ सकता है। चर्चा यह भी है कि घरेलू सिलेंडर के मामले में सरकार दो रुख अपना सकती है। इसमें या तो सिलेंडर की आपूर्ति बिना सब्सिडी हो या फिर कुछ उपभोक्ताओं को ही सब्सिडी का लाभ दिया जाए। 

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उज्जवला लाभार्थियों को ही सब्सिडी का फायदा 
वैसे, सब्सिडी को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया है। मगर सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि दस लाख रुपए के नियम को लागू रखा जाएगा। साथ ही, उज्जवला योजना के लाभार्थियों को ही सिर्फ सब्सिडी का फायदा दिया जाएगा। अन्य उपभोक्ताओं की सब्सिडी खत्म हो सकती है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी लगातार जारी है। बीते साल वर्ष 2021 में सिलेंडर की कीमत लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, नए साल में सिलेंडर की कीमत का अपडेट नहीं आया है। 

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जनवरी 2015 में शुरू हुई थी सब्सिडी 
गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में एलपीजी पर सब्सिडी आ रही है। सब्सिडी पर सरकार का खर्च वित्तीय वर्ष वर्ष 2021 के दौरान 3559 रुपए रहा। वित्तीय वर्ष 2020 में यह खर्च 24 हजार 468 करोड़ रुपए का था। दरअसल, ये डीबीटी स्कीम के तहत है, जिसकी शुरुआत जनवरी 2015 में की गई थी। इसमें उपभोक्ताओं को गैर सब्सिडी घरेलू सिलेंडर का पूरा पैसा चुकाना होता है। सरकार की ओर से सब्सिडी का पैसा ग्राहक के बैंक खाते में रिफंड कर दिया जाता है। हालांकि, यह रिफंड सीधे होता है इसलिए योजना का नाम डीबीटीएल रखा गया है। 

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