सोशल मीडिया पर वायरल पैरासिटामोल आइसक्रीम की खबर में कितनी सच्चाई है? जानिए क्या वाकई में नीदरलैंड में ऐसी आइसक्रीम बनाई गई या यह सिर्फ़ एक अफ़वाह है।

बीमार होने पर सबसे बड़ी परेशानी दवाइयाँ और उनका अजीब स्वाद होता है। लेकिन अगर ये दवाइयाँ हमारी पसंदीदा चीजों के रूप में मिलें तो कितना अच्छा हो!

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कुछ दिन पहले ऐसी ही एक खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। नीदरलैंड में पैरासिटामोल वाली आइसक्रीम की खोज की खबर थी, जिसके बारे में दावा किया जा रहा था कि बीमार लोग इसे मजे से खा सकते हैं। लेकिन क्या वाकई में ऐसा हुआ है? असलियत यह है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सालों पहले नीदरलैंड में एक बार ऐसी आइसक्रीम बनाई गई थी। लेकिन इसे बेचने के लिए नहीं, बल्कि एक प्रदर्शनी के लिए बनाया गया था। उस प्रदर्शनी की तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

नीदरलैंड की कंपनी नागलकेर्के ने यह आइसक्रीम बनाई थी। 2016 में हॉलैंड में हुए एक कार्निवल में लोगों का ध्यान खींचने के लिए यह पैरासिटामोल आइसक्रीम बनाई गई थी। इसे बार-बार बनाने का कोई इरादा नहीं था।

इसे आम लोगों तक पहुँचाने का भी कोई इरादा नहीं था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंताओं को देखते हुए इसे प्रदर्शनी से भी हटा दिया गया था।

कुछ न्यूज़ आउटलेट्स का कहना है कि कंपनी को लाइसेंस नहीं मिलने के कारण इसका उत्पादन बंद कर दिया गया। लेकिन कई लोग मानते हैं कि आइसक्रीम पर पैरासिटामोल लिखकर लोगों को बेवकूफ बनाया गया।