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सिर्फ 1 स्तुति बोलकर भी मिल सकता है 12 ज्योतिर्लिंगों की पूजा का फल, ये है आसान विधि

आज (21 फरवरी, शुक्रवार) महाशिवरात्रि है। इस दिन प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगता है। 

mahashivratri: saying this 1 praise can give result of visiting 12 jyotirling, this is the process KPI
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Ujjain, First Published Feb 21, 2020, 11:26 AM IST
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उज्जैन. भगवान शिव के अनेक मंदिर हमारे देश में है, लेकिन उन सभी में 12 ज्योतिर्लिंगों का विशेष महत्व है। सिर्फ 1 स्तुति का पाठ करने से भी 12 ज्योतिर्लिंगों की उपासना की जा सकती है। ये स्तुति और इसकी पाठ विधि इस प्रकार है-

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति
सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्‌।
उज्जयिन्यां महाकालमोंकारं ममलेश्वरम्‌ ॥1॥
परल्यां वैजनाथं च डाकियन्यां भीमशंकरम्‌।
सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ॥2॥
वारणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमी तटे।
हिमालये तु केदारं ध्रुष्णेशं च शिवालये ॥3॥
एतानि ज्योतिर्लिंगानि सायं प्रातः पठेन्नरः।
सप्तजन्मकृतं पापं स्मरेण विनश्यति ॥4॥

कैसे करें पाठ?
1. रोज सुबह स्नान आदि करने के बाद किसी मंदिर में या घर पर ही शिवजी की पूजा करें।
2. शिवजी को धतूरा, बिल्व पत्र आदि चढ़ाएं और शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
3. इसके बाद कुश के आसन पर बैठकर मन ही मन द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति का पाठ करें।
4. कम से कम 108 बार इस स्तुति का पाठ करें।
5. इस स्तुति का प्रतिदिन विधि-विधान पूर्वक पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

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