इस बार रक्षाबंधन का त्योहार 22 अगस्त, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन लोग भगवान की प्रतिमा को रक्षासूत्र बांधते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान हर मुश्किल से उनकी रक्षा करते हैं।

उज्जैन. रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2021) का त्योहार भाई-बहन के प्यार का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन भाई के कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। सावन पूर्णिमा 22 अगस्त, रविवार को रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2021) का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन लोग भगवान की प्रतिमा को रक्षासूत्र बांधते हैं। वैसे तो रक्षासूत्र किसी भी देवी या देवता को बांधा जा सकता है, लेकिन सबसे अधिक हनुमानजी, शिवजी और श्रीकृष्ण को बांधा जाता है। आगे जानिए किसी देवता को रक्षासूत्र बांधने से उसका क्या फल मिलता है…

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हनुमान जी
हनुमानजी को लाल रंग का रक्षासूत्र अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव में कमी आती है और बल, बुद्धि के साथ विद्या का वरदान भी मिलता है। हनुमानजी को कलयुग का जीवंत देवता माना गया है। इन्हें रक्षासूत्र बांधने से हर परेशानी से छुटकारा मिल जाता है।

भगवान शिव
सावन का महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। रक्षा बंधन का त्योहार सावन के आखिरी दिन आता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव को रक्षासूत्र बांधने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। शिवजी को किसी भी रंग का रक्षासूत्र अर्पित किया जा सकता है। साथ ही इस दिन शिवजी के साथ चंद्रमा की भी पूजा करनी चाहिए। 

गणेश जी
हिंदू धर्म में गणेश जी सबसे प्रथम पूज्य देवता है। गणेशजी को हरे रंग का रक्षासूत्र अर्पित करना चाहिए। इससे बुध ग्रह के दोष कम होते हैं और दिमाग तेज चलता है। साथ ही साथ घर में सुख-समृद्धि आती है। 

भगवान विष्णु
इन्हें पीतांबरधारी भी कहा जाता है क्योंकि इन्हें पीले वस्त्र पसंद है। इसलिए भगवान विष्णु को रक्षासूत्र भी पीले या केसरिया रंग का ही अर्पित करना चाहिए। इससे गुरु ग्रह से संबंधित दोषों में कमी आती है और धर्म के प्रति रुझान बढ़ता है।

शनिदेव
ज्योतिष शास्त्र में इन्हें न्यायाधीश कहा गया है। यानी मनुष्य के अच्छे-बुरे कर्मों का दंड शनिदेव ही देते हैं। शनिदेव के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए कई उपाय किए जाते हैं। रक्षाबंधन पर शनिदेव को काला या नीले रंग का रक्षासूत्र अर्पित करना चाहिए। इससे इनके अशुभ प्रभाव में कमी आ सकती है।

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