अलीगढ़ में वीर जवानों की शहादत से गुस्साए 10 मासूम बच्चों ने चीन को सबक सिखाने का प्लान बनाया। इन 10 नन्हे वीरों की टोली पैदल ही चीन की सीमा पर जाने को निकला पड़ी। गांव के बाहर ही पुलिस ने उन्हें रोक कर वापस उनके घर भेज दिया है।

अलीगढ़(Uttar Pradesh). लद्दाख सीमा पर चीनी सैनिकों द्वारा धोखे से शहीद किए गए 20 भारतीय जवानों के लिए देश भर में जबरदस्त गुस्सा है। पूरे देश में चीनी सामनों का बहिष्कार करने व चीन को सबक सिखाने की आवाजें उठ रही हैं। अलीगढ़ में वीर जवानों की शहादत से गुस्साए 10 मासूम बच्चों ने चीन को सबक सिखाने का प्लान बनाया। इन 10 नन्हे वीरों की टोली पैदल ही चीन की सीमा पर जाने को निकला पड़ी। गांव के बाहर ही पुलिस ने उन्हें रोक कर वापस उनके घर भेज दिया है। मासूम बच्चों की देशभक्ति और देश प्रेम की भावना को देखकर पुलिसकर्मियों ने उनके जब्जे को सलाम किया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है । 

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जानकारी के मुताबिक अलीगढ़ जिले के गभाना थाना क्षेत्र के अमरदपुर गांव के रहने वाले 10 बच्चों को लद्दाख के गलवान घाटी में चीन द्वारा धोखे से मारे गए भारतीय सैनिकों की शहादत पर गहरा दुःख पहुंचा। चीन की धोखेबाजी से गुस्साए इन नौनिहालों ने ही चीन को सबक सिखाने का फैसला लिया। इसके लिए 8 से 12 साल के 10 दोस्तों ने प्लान बनाया कि चीन से इसका बदला लिया जाएगा। इसके लिए वह अपने घर से चीन की सीमा पर जाने के लिए निकल पड़े। जैसे ही वह गांव से बाहर निकले पुलिस ने उन्हें रोक लिया। जब पुलिस ने उनकी मंजिल के बारे में जाना तो पुलिस कर्मियों ने भी उनके जज्बे की तारीफ़ की। हांलाकि पुलिस ने सभी बच्चों को समझा-बुझा कर घर वापस भेज दिया है।

लद्दाख सीमा पर चीन के धोखे में फंस शहीद हुए थे 20 जवान 
लद्दाख सीमा पर गलवान घाटी में 15 जून की रात चीनी सैनिकों ने धोखे से भारतीय सेनिकों पर हमला बोल दिया था। बड़ी संख्या में चीनी सैनिक लाठी, डंडे और कंटीली तारों से लैस होकर पहुंचे थे। चीनियों के हमले में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। हालांकि संख्या बल में कम होने के बावजूद भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों का जमकर मुकाबला किया और उनके लगभग 45 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इसके अलावा इस झड़प में कई चीनी सैनिक घायल भी हुए हैं। हालांकि चीन ने अब तक आधिकारिक रूप से नहीं बताया है कि इस घटना में उसके कितने सैनिक मारे गए हैं।