केंद्र सरकार द्वारा लाई गई अग्निपथ स्कीम को लेकर एक वक्त में काफी ज़्यादा बवाल मचा हुआ था। लेकिन उसके बाद धीरे-धारे चीज़ें पटरी पर आने लगी है और युवा भी इस स्कीम के सपोर्ट में आ गए है। बाराबंकी में भी युवा इस स्कीम के सपेर्ट में आ गए है।

बाराबंकी: एक तरफ अग्निवीर योजना के तहत युवाओं में रोष है, वहीं दूसरी तरफ यूपी के बाराबंकी में योजना के समर्थन में माहौल बन रहा है। युवाओं का कहना है कि वो चार दिन के लिए भी सेना में जाने को तैयार हैं।केंद्र सरकार द्वारा लाई गई अग्निपथ स्कीम को लेकर एक वक्त में काफी ज़्यादा बवाल मचा हुआ था। लेकिन उसके बाद धीरे-धारे चीज़ें पटरी पर आने लगी है और युवा भी इस स्कीम के सपोर्ट में आ गए है। बाराबंकी में भी युवा इस स्कीम के सपेर्ट में आ गए है।

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अग्निपथ स्कीम के समर्थन में बन रहा माहौल
एक तरफ देश में अग्निवीर स्कीम को लेकर युवाओं में रोष है, वहीं दूसरी तरफ अग्निवीर स्कीम के समर्थन में माहौल बनना शुरू हो गया है। यूपी के बाराबंकी में अग्निवीर योजना को लेकर युवाओं में उत्साह है। बाराबंकी जिले के युवाओं ने इस स्कीम के बारे में पूछे जाने पर कहा कि 'वो चार साल क्या चार दिन के लिए भी आर्मी में जाने को तैयार हैं। हालांकि इन युवाओं की मांग है कि उन्हें नौकरी में आरक्षण दिया जाए। इन युवाओं की मांग है कि उन्हें आरक्षण के तहत प्राथमिकता मिले जिससे चार साल बाद जब वो आर्मी से रिटायर होकर आएं तो उन्हें दूसरी नौकरी मिल सके। वहीं दूसरी तरफ ऐसे युवाओं की संख्या भी बहुत ज्यादा है जो आर्मी में लंबित परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।'

भविष्य को लेकर युवाओं में चिंता
यूपी के बाराबंकी में हर साल हजारों बच्चे आर्मी की तैयारी करते हैं। सरकार द्वारा लाई गई अग्निवीर योजना को लेकर इनके मन में कई आशंकाए हैं, खास तौर पर अपने भविष्य को लेकर ये काफी चिंतित हैं। हालांकि, इनका ये कहना है कि 'ये अग्निवीर योजना को लेकर हताश या निराश नहीं हैं, बल्कि इसे सकारात्मक पहल के तौर पर देख रहे हैं। इनका कहना है कि वो चार साल तो क्या चार दिन के लिए भी सेना में जाने को तैयार हैं। इनकी चिंता का विषय बस ये है कि चार साल के बाद इनके भविष्य का क्या होगा?

देश सेवा के लिए बलिदान देने को तैयार युवा
इस स्काम को लेकर युवाओं का कहना है कि वो देश सेवा के लिए वो हर बलिदान देने को तैयार हैं, लेकिन अग्निवीर योजना के तहत चार साल नौकरी के बाद इनका क्या होगा ये इनकी चिंता का सबसे बड़ा विषय है। इनकी मांग है कि इस योजना के तहत आर्मी में शामिल होने वाले युवाओं को बाद में आरक्षण के तहत नौकरी मिले।

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