अयोध्या जिले की रुदौली विधानसभा सीट पर नेशनल पार्टी कांग्रेस 37 साल  से वनवास में है। एक जमाने मे यह कांग्रेस की सियासी जमीन के रूप में जानी जाती रही है। वर्ष 1985 के बाद से कांग्रेस के लिए यह बंजर भूमि हो गई । इस वर्ष के बाद पार्टी को कभी विधानसभा चुनाव में जीत नही मिल सकी।

अयोध्या: यूपी के अयोध्या जिले की रुदौली विधानसभा सीट पर नेशनल पार्टी कांग्रेस 37 साल से वनवास में है। एक जमाने मे यह कांग्रेस की सियासी जमीन के रूप में जानी जाती रही है। वर्ष 1985 के बाद से कांग्रेस के लिए यह बंजर भूमि हो गई । इस वर्ष के बाद पार्टी को कभी विधानसभा चुनाव में जीत नही मिल सकी। इतिहास के पन्नों को टटोलें तो कभी कांग्रेस यहां पर मुख्य भूमिका में थी। फिर बाद में पार्टी के कार्यकर्ताओं और शीर्ष ने नेतृत्व ने अज्ञात कारणों से दम नही भरा। फिर भी प्रत्याशी उतारे जाते रहे। अब इस बार पार्टी ने नया गेम खेला है। अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग बाहुल्य रुदौली क्षेत्र में अन्य दलों से लीक से हटकर पार्टी ने दयानंद शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है।

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वर्ष 2009 और 2014 के लोकसभा में मिले थे सर्वाधिक मत
ऐसा नही है पार्टी का जनाधार झेत्र में कम है। अभी भी यह पार्टी के लिए उपजाऊ भूमि है। जो पार्टी विधानसभा में अपना परफार्मेंस नही दिखा पाती उसी पार्टी को वर्ष 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक मत मिले थे। पार्टी के लिए क्षेत्र कितना महत्वपूर्ण रहा है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2014 में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी क्षेत्र में आकर जनसभा की थी।

कब किसने पहना जीत का ताज
वर्ष 1969 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कृष्ण भगत सिंह चुनाव जीते थे । इसके बाद वर्ष 1985 में कांग्रेस के मरगूब अहमद खान यहां से चुनाव जीते तब से पार्टी यहां संघर्ष करने में ही जुटी है। वर्ष 1977 और 1980 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर जनता पार्टी के प्रदीप यादव विधायक निर्वाचित हुए ।1989 में जनता पार्टी के प्रदीप यादव ने पुनः अपना कब्जा सीट पर जमा लिया । उन्होंने काग्रेस के ऐहतराम अली को हराया। वर्ष 2017 के चुनाव में सीट सपा- कांग्रेस गठबंधन में चली गई।