बता दें, बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने पिछले दिनों फांसी घर की जमीन पर कब्जे को लेकर रामपुर के डीएम आंजनेय कुमार सिंह से शिकायत की थी। जिसके बाद डीएम ने इसकी जांच कराई, जिसमें यह श्रेणी 7 (सरकारी) की जमीन पाई गई।

रामपुर (Uttar Pradesh). सपा सांसद आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अब रामपुर जिला जेल के फांसी घर की सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त मामले में आजम और उनके बड़े बेटे मोहम्मद अदीब खान सहित 37 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। नायब तहसीलदार कृष्ण गोपाल की तहरीर पर ये केस दर्ज किया गया। बता दें, आजम के खिलाफ अब तक 90 के करीब केस दर्ज हो चुके हैं। ज्यादातर केस इनके सांसद बनने के बाद दर्ज किए गए। इसी के साथ ये देश के ऐसे सांसद भी बन गए हैं, जिनके खिलाफ इतने ज्यादा केस दर्ज हुए। इनपर अवैध जीतन कब्जा, बिजली चोरी, भैंस-बकरी चोरी और पानी चोरी सहित कई आरोप लग चुके हैं। 

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क्या है पूरा मामला
बता दें, बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने पिछले दिनों फांसी घर की जमीन पर कब्जे को लेकर रामपुर के डीएम आंजनेय कुमार सिंह से शिकायत की थी। जिसके बाद डीएम ने इसकी जांच कराई, जिसमें यह श्रेणी 7 (सरकारी) की जमीन पाई गई। डीएम ने बताया, जेल के बगल में एक जमीन है, जिसको लेकर शिकायत मिली थी। उस जमीन पर अवैध कब्जा है। यह भी सामने आया कि दो लोगों ने करीब 30 लोगों को ये जमीन बेच दी। मामले में आजम की पत्नी तंजीन फातिमा और उनकी बहन पर आरोप लगाया गया था।

इस सरकारी भवन को कब्जाने का भी लगा आरोप
रामपुर कोतवाली सिविल लाइंस के रेलवे स्टेशन रोड पर विकास भवन के बराबर जिला सहकारी संघ की जमीन पर कुवालिटी बार रेस्टोरेन्ट था। जहां पीड़ित गगन लाल अपना होटल का कारोबार करता था। उसका 2820 रुपए प्रति वर्ष किराया भी जिला सहकारी संघ रामपुर में जमा करता था। पीड़ित गगन लाल के मुताबिक, 13 फरवरी 2013 को सांसद आजम खान, इंस्पेक्टर आले हसन, जिला सहकारी बैंक के सचिव कामिल खान और सहकारी संघ के चेयरमैन मास्टर जाफर उसकी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने दुकान का सामान निकाल कर फेंकना शुरू कर दिया। 

पीड़ित ने आजम पर लगाए ये आरोप
गगन लाल ने बताया, उन्होंने जब इसका कारण पूछा तो वो बोले कि दुकान आजम की पत्नी तंजील फातमा के नाम आवंटित होनी है। बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के खाली कर दो। आरोपियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए न सिर्फ दुकान का सामान बाहर फेंक दिया, बल्कि दुकान के गल्ले में रखे करीब 16 हजार रुपए आले हसन ने निकाल लिए। जिला सहकारी संघ के चेयरमैन ने तंजीम फातमा को वह दुकान आवंटित कर दी। उस समय आरोपियों के खिलाफ आवाज उठाई थी, तो उन्होंने झूठे मुकदमे में मुझे जेल में बंद करा दिया। जिसके बाद मुझे अपनी जमानत करानी पड़ी।

पुलिस का क्या है कहना
पीड़ित गगन लाल ने बताया, साल 2013 में वे यहां क्वालिटी रेस्टोरेंट के नाम से दुकान चलाते थे। जिससे वो अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। मामले को लेकर गंगन ने एक प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को दिया था। जिसके बाद आजम खान, तत्कालीन सीओ आले हसन खान, सहकारी संघ के सचिव कामिल खान और सहकारी संघ के चेयरमैन मास्टर जाफर सहित चार लोगों के खिलाफ धारा केस दर्ज किया गया। सीओ सिटी सत्यजीत गुप्ता ने बताया, पीड़ित के मुताबिक उसके क्वालिटी रेस्टोरेंट पर साल 2013 में आरोपियों ने लूटपाट और तोड़फोड़ की। दुकान को आजम की पत्नी तंजीम फातमा के नाम आवंटित कर दिया गया। मामले की जांच की जा रही है।