काठगोदाम में देर रात हुए बवाल के बाद पुलिस ने अभी तक 11 लोगों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि हनुमान चालीसा पढ़कर वापस आ रहे लोगों पर यहां पथराव किया गया। बवाल के बाद गहमा-गहमी का माहौल मचा हुआ है। 

हल्द्वानी: काठगोदाम के शीशमहल क्षेत्र में शनिवार की देर शाम हुए पथराव के मामले में पुलिस एक्शन मूड में दिखाई पड़ रही है। मामले में पुलिस ने अभी तक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तकरीबन 11 लोगों को हिरासत में लिया है। इसी के साथ मामले में लोगों की नाराजगी भी देखने को मिल रही है। घटना को लेकर बजरंग दल के लोगों के द्वारा बैठक भी की जा रही है। 

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मंदिर से चालीसा का पाठ कर वापस आ रहे थे लोग 
घटना को लेकर बजरंग दल के पदाधिकारियों के द्वारा बताया गया कि देर शाम की बैठक के बाद हम लोग कोई निर्णय लेंगे। उस बैठक बाद ही आगे की रणनीति को लेकर फैसला लिया जाएगा। आपको बता दें कि काठगोदाम थाना अंतर्गत क्षेत्र में शनिवार की देर शाम तकरीबन 6.30 बजे अफरा-तफरी मच गई। यह सब उस बीच हुआ जब लोग मंदिर से हनुमान चालीसा का पाठ कर वापस आ रहे थे। इसी बीच शीशमहल इलाके में तीन युवकों पर कुछ लोगों के द्वारा पथराव कर दिया। 

भगवा गमछा देख किया गया हमला 
काठगोदाम थाने पर मौजूद लोगों के द्वारा बताया गया कि कुछ लोग हनुमान चालीसा का पाठ कर वापस आ रहे थे। वह लोग हनुमान गढ़ी के पास गन्ने का जूस पीने के लिए रुक गए। उसी बीच वहां तकरीबन 6-7 बाइकों से बड़ी संख्या में समुदाय विशेष के लोग आ गए। इस बीच तीन गले में भगवा गमछा पड़े होने के बाद जानकारी ली और बजरंग दल का सदस्य होने पर उन पर हमला कर दिया। 

फोन के बाद आए लोग 
मामले में लोगों ने उन तीनों युवकों को दबोच लिया। हालांकि इसी बीच उन्होंने फोन किया और 50-60 लोग शीशमहल के पास आ गए। इन लोगों ने जमकर पथराव किया। पथराव के लिए आए लोगों के पास धारदार हथियार, लाठी-डंडे और तमंचे भी थे। किसी तरह मौजूद लोगों ने उन्हें छुड़वाया और इसके बाद सभी बड़े आराम से फरार हो गए। 

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