लखनऊ में सीडीआरआई टेक्नीशियन की हत्या मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। मृतका के पिता की तहरीर पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है। इस बीच वर्षा के सुसरालवाले फरार बताए जा रहे हैं। 

लखनऊ: केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI) की लैब टेक्नीशियन वर्षा सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मंगलवार को यह केस पिता विजय सिंह की तहरीर पर दर्ज किया। वर्षा के पिता विजय सिंह बीएचयू में पोस्टेड हैं और उन्होंने दामाद और उसके घरवालों पर केस दर्ज करवाया है। 

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एसीपी सैय्यद अली अब्बास की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार वर्षा के पिता मऊ निवासी विजय मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। उनकी ओर से यह आरोप लगाया गया है कि बेटी वर्षा सिंह को दामाद विश्वेश्वर सिंह और उसके घरवालों के द्वारा शादी के बाद से ही लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने कहा कि दामाद बार-बार उनकी बेटी को मार देने की धमकी देता था। 

आधे रास्ते से फरार हो गए वर्षा के ससुरावाले 
पुलिस ने वर्षा सिंह की मौत की सूचना दोनों ही घरवालों को रात में ही दे दी थी। जिसके बाद दोनों ही परिवार सुबह लखनऊ के लिए निकले। हालांकि जैसे ही विश्वेश्वर के परिजनों को हत्या की रिपोर्ट की जानकारी लगी तो वह आधे रास्ते से ही गायब हो गए। वह बरेली से लखनऊ के लिए निकले थे। लेकिन यहां नहीं आए और अब उनका फोन भी बंद है। पुलिस लगातार उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रही है। हालांकि उनका फोन भी बंद आ रहा है। 

नहीं भरा जा सका पंचनामा
पुलिस के अनुसार शव को रात में ही कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। हालांकि देर रात और सुबह तक किसी परिचित या परिजन की गैर मौजूदगी की वजह से पंचनामा नहीं भरा जा सका। पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है। इसकी वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था करवाई जा रही है। 

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