यूपी में ओबीसी आरक्षण को लेकर गठित आयोग की टीम सभी जिलों का दौरा करेगी। निश्चित समय में सर्वेक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। त्रुटिरहित डाटा के लिए ही टीम के द्वारा सभी जगहों पर जाकर सर्वे किया जाएगा। 

लखनऊ: नगरीय निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर गठित पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपना कामकाज शुरू कर दिया है। आयोग की ओर से बैठक के बाद अवकाश प्राप्त न्यायाधीश और आयोग के अध्यक्ष राम अवतार सिंह ने जानकारी दी कि ओबीसी आरक्षण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। 

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सटीक डाटा प्राप्त करने के लिए होगा सर्वे
उन्होंने बताया कि आयोग के द्वारा अपनी पहली रिपोर्ट को तीन माह के भीतर जमा कर दिया जाएगा। इसके बाद 2-3 माह में बाकि आवश्यक प्रक्रिया को भी पूरा कर लिया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से आयोग का गठन छह माह के लिए किया गया है। इस समय में ही कामकाज को पूरा कर लिया जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान सटीक डाटा प्राप्त करने के उद्देश्य से आयोग की टीम सभी 75 जिलों में जाएगी। इसमें जिला प्रशासन का सहयोग भी लिया जाएगा। त्रुटिहीन सर्वेक्षण परिणाम प्राप्त करने के उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों के सुझाव को भी आमंत्रित किया जाएगा। 

बैठक में सभी सदस्यों की रही मौजूदगी 
सर्वेक्षण के दौरान टीम जिस भी जिले में जाएगी वहां के जनप्रतिनिधियों से संवाद और संपर्क किया जाएगा। इसके बाद बैठक कर तमाम जानकारी हासिल की जाएगी। शनिवार को आयोग की बैठक में सभी सदस्यों की मौजूदगी रही। इस दौरान एक सदस्य की उपस्थिति वर्चुअल माध्यम से हुई। पहली बैठक में आयोग ने सर्वे की आगे की प्रक्रिया को लेकर विचार विमर्श किया। आयोग अन्य राज्यों से संबंधित प्रकरणों का भी अध्ययन करेगा। बताया गया कि आयोग की ओऱ से पहली रिपोर्ट तीन माह में ही पेश कर दी जाएगी। उसके बाद आगे की प्रक्रिया दो से तीन माह में पूरी की जाएगी। छह माह की मिली अवधि का पूरा इस्तेमाल किया जाएगा और इस बीच सभी कामों को कैसे निर्धारित अवधि में पूरा करना है इसको लेकर सदस्यों से विचार विमर्श किया जाएगा। 

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