यूपी के प्रयागराज से डेंगू पीड़िता एक महिला की मौत से कुछ घंटे पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। डेंगू से पीड़ित ज्योति वर्मा ने अपनी मौत से पहले अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में ज्योति कह रही है कि पापा इन लोगों ने मुझे मारने की कोशिश की है। अभी पुलिस को फोन करिए और राजू जीजा को फोन करिए। इन सबको जेल भेज दीजिए। मम्मी-मम्मी कहते ही उसकी सांसे उखड़ने लगती हैं। उसके मुंह से शब्द नहीं निकलते। इसी दौरान कोई कहता है कि इसकी हालत खराब हो रही है। इसे NISU में भर्ती कराइए। बता दें कि ये सारी बातें ज्योति वर्मा ने मरने से कुछ घंटे पहले अपने माता-पिता और भाई के सामने मदनानी अस्पताल के स्ट्रेचर पर रो-रोकर कहा था। इस वीडियो के ठीक 5 घंटे बाद उसकी मौत हो जाती है।

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पुलिस ने दोनों पक्षों को कराया शांत
बेटी की मौत के मायके पक्ष ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और अस्पताल में ही ससुराल पक्ष और मायके पक्ष में भी हाथापाई हो जाती है। आपस में विवाद होता देख अस्पताल प्रशासन पुलिस को मामले की जानकारी दी जाती है। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराती है और मृतका के शव को स्वरूप रानी नेहरू मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जाता है। इंस्पेक्टर खुल्दाबाद ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 14 मार्च 2019 में बेनीगंज निवासी सुजीत वर्मा के साथ ज्योति वर्मा की शादी हुई थी। वहीं मृतका के बड़े भाई ने बताया कि उसकी बहन को शादी के बाद से ही ससुराल में दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। भाई जय प्रकाश ने बताया कि 21 अक्टूबर को ज्योति को तेज बुखार आया था। 

परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
जिसके बाद ससुराल वालों ने काल्वन अस्पताल में उसकी जांच करवाई थी। जांच में उसकी प्लेटलेट्स 54 हजार आई और डेंगू रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसके बाद भी ससुराल वालों ने उसका ढंग से इलाज नहीं करवाया। वहीं तबियत ज्यादा खराब होने पर उसकी बहन को मैटर्निटी अस्पताल मदनानी में भर्ती करा दिया गया। बताया जा रहा है कि उसका डेंगू का इलाज चल रहा था। आरोप है कि NISU में भर्ती होने के बाद वहां का मैनेजर परिवार को ज्योति से मिलने नहीं दे रहा था। मृतका के भाई ने आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टर बस दवा मंगवा कर रख लेते थे। प्लेटलेट्स भी मंगवाकर नहीं चढ़ाया। मृतका के पिता अस्पताल प्रबंधन से बार-बार कहते रहे कि अगर प्लेटलेट्स कम हैं तो मंगवा लीजिए। लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। 

जानिए क्या बोले जिम्मेदार
जय प्रकाश ने बताया कि इस दौरान डॉक्टर कहते रहे कि जब प्लेटलेट्स 10 हजार रह जाएगी तब चढ़ाएंगे। इसके बाद ज्योति की तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उसकी गुरुवार सुबह मौत हो गई। SO खुल्दाबाद ने बताया कि प्लेटलेट्स कम होना मौत का कारण बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वहीं मदनानी अस्पताल के चेयरमैन और इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एमके मदनानी ने कहा कि 25 अक्टूबर की रात में मरीज की सास और पति ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया था। भर्ती के समय उसे होश नहीं था और वह कोमा में थी। डॉ. एमके मदनानी ने कहा कि अस्पताल की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। इस संबंध में परिजनों को पहले ही बता दिया गया था कि मरीज की हालत बहुत गंभीर है। बचने की उम्मीद कम है। अगर, आप कहीं और ले जाना चाहो तो ले जा सकते हो।