यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां फैसला अपने हित में लाने के लिए जोरों से लगी हुई हैं। चुनाव को लेकर सपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई वादे किए हैं। इसमें सबसे ज्यादा फ्री बिजली देने का वादा चर्चा में है, लेकिन इस वादे से सपा की मुश्किलें बढ़ गई है। 

लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां फैसला अपने हित में लाने के लिए जोरों से लगी हुई हैं। इसी बीच चुनाव को लेकर सपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई वादे किए हैं। इसमें सबसे ज्यादा फ्री बिजली देने का वादा चर्चा में है, लेकिन इस वादे से सपा की मुश्किलें बढ़ गई है। चुनाव आयोग ने इस पर जवाब मांगा है। दरअसल 300 यूनिट बिजली मुफ्त पाओ, नाम लिखाओ अभियान शुरू किया है। जिसके तहत पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर फार्म भरवाएंगे। बिजली मुफ्त देने के वादे के तहत इस अभियान पर शिकायत दर्ज हुई, जिसके बाद से आयोग ने यह कदम उठाया। 

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इसमें प्रलोभन देने के मामले में शिकायत दर्ज हुई थी। बता दे कि शिकायतकर्ता ने कहा, "इस कैंपेन के तहत वोट के लिए लालच और रिश्वत दी जा रही है, यह आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। इसकी पूरी तरह से जांच होनी चाहिए।" जिसके बाद से आयोग ने सभी जिलों के निर्वाचन अफसरों से रिपोर्ट मांगी है। 

आपको बता दे कि समाजवादी पार्टी के अभियान के तहत जो लोग 300 यूनिट फ्री बिजली चाहते हैं उनसे फार्म भरवाया जाएगा। जिनके पास बिजली का बिल है वो उसी नाम को लिखें और जो भविष्य में कनेक्शन लेना चाहते हैं वो राशन कार्ड के अनुसार नाम लिखवाएं। इस अभियान की घोषणा करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 19 जनवरी को बताया था कि हर कार्यकर्ता अपने-अपने बूथ के परिवारों के बीच जाकर फार्म भरवाएगा। परिवार के जिस मुखिया के नाम से कनेक्शन है, उसके नाम से फार्म भरा जाएगा। जिन लोगों के पास अभी तक कनेक्शन नहीं है और वे कनेक्शन लेने की योजना बना रहे हैं, उनके राशन कार्ड या आधार कार्ड में लिखे गए नाम फॉर्म में भरा जाएगा। यह सुविधा जल्द ही डिजिटल प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।