उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में शुक्रवार को अतिरिक्त एडीएम विनीत उपाध्याय अपनी पत्नी के साथ डीएम कार्यालय के भीतर धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने डीएम डॉक्टर रूपेश कुमार और दो एसडीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। धरने पर बैठने वाले SDM पर अनुशासनहीनता के लिए कार्रवाई की गई है। शासन ने उन्हें राजस्व परिषद मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।

प्रतापगढ़(Uttar Pradesh). उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में शुक्रवार को अतिरिक्त एडीएम विनीत उपाध्याय अपनी पत्नी के साथ डीएम कार्यालय के भीतर धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने डीएम डॉक्टर रूपेश कुमार और दो एसडीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इस दौरान डीएम कार्यालय में किसी के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई थी। मीडिया को भी बाहर रोका गया था। एसडीएम उपाध्याय अफसरों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। शाम छह बजे मामले की जांच इलाहाबाद मंडलायुक्त को सौंपे जाने के बाद उन्होंने धरना खत्म कर दिया। वहीं, उन पर अनुशासनहीनता के लिए कार्रवाई की गई है। शासन ने उन्हें राजस्व परिषद मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।

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मामला लालगंज इलाके की एक जमीन पर विद्यालय की मान्यता से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर विद्यालय होने की बात कहकर मान्यता ली गई, वहां विद्यालय न होकर दूसरी जगह संचालित हो रहा है। इस मामले की शिकायत आने के बाद एसडीएम अतिरिक्त विनीत उपाध्याय ने जांच की तो ये खुलासा हुआ। उन्होंने जांच रिपोर्ट बनाकर डीएम को फाइल भेज दी। लेकिन वह फाइल दबा दी गई। शासन को नहीं भेजी गई। इसी बात को लेकर विनीत उपाध्याय नाखुश हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इस मामले में ट्वीट कर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा है कि वाह रे योगी जी सस्पेंड करना था तो उस डीएम को करते जिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा, आप ने तो SDM को ही सस्पेंड कर दिया।

SDM के धरने पर बैठते ही मचा हड़कंप 
एसडीएम विनीत उपाध्याय दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक डीएम कार्यालय में धरने पर रहे। तब से बंगले में सिर्फ अफसरों, पुलिसकर्मियों को आने जाने की अनुमति रही। बाहर भी पुलिस का पहरा रहा। मीडियाकर्मियों पर कवरेज के लिए रोक लगा दी गई थी।

एसडीएम ने वकीलों पर तान दी थी रायफल
एसडीएम विनीत उपाध्याय प्रतापगढ़ में बीते दो साल से तैनात हैं। साल 2019 में नवंबर में इनकी तैनाती लालगंज तहसील में थी। तब वकीलों से हुए एक विवाद में विनीत उपाध्याय ने होमगार्ड की रायफल छीनकर वकीलों पर तान दी थी। तब डीएम मार्कंडेय शाही थे। उन्होंने एसडीएम लालगंज के पद से हटाकर विनीत उपाध्याय को अतिरक्ति एसडीएम बना दिया था।