यूपी में अब चेन और पर्स लूटने जैसी घटनाओं को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखते हुए इस पर सख्त कानून बनाने की तैयारी है। यूपी स्टेट लॉ कमीशन ने छिनैती और लूट की घटनाओं को लेकर बनाए गए नए नियमों के संदर्भ में अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है

लखनऊ(Uttar Pradesh). यूपी में अब चेन और पर्स लूटने जैसी घटनाओं को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखते हुए इस पर सख्त कानून बनाने की तैयारी है। यूपी स्टेट लॉ कमीशन ने छिनैती और लूट की घटनाओं को लेकर बनाए गए नए नियमों के संदर्भ में अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। लॉ कमीशन ने इस रिपोर्ट में स्नैचिंग यानि छिनैती को गैर जमानती अपराध बनाने और इस पर सख्त सजा के प्रावधान की बात कही है। 

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यूपी स्टेट लॉ कमीशन का मानना है कि प्रदेश में करीब 97 फीसदी महिलाएं सरेराह लूट की घटनाओं का शिकार बनती हैं। सबसे ज्यादा छिनैती की घटनाएं उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और बुलंदशहर में होती हैं। अधिकतर घटनाओं में राह चलते पर्स, चेन या दूसरे नकदी सामान छीनकर स्नैचर्स नौ दो ग्यारह हो जाते हैं। यूपी स्टेट लॉ कमीशन ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अब इस पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून की मांग की है। 

पकड़े गए तो हो सकती है 14 साल तक की जेल 
लॉ कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में स्नैचिंग को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखने की मांग की है और इसे लिए सजा का प्रावधान भी 7 से 14 साल तक रखा है। यूपी लॉ कमीशन ने प्रदेश में स्नैचिंग की घटनाओं का पूरा ब्यौरा रखते हुए ये रिपोर्ट तैयार की है, जिसे मंगलवार को सीएम योगी को सौंप दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही ये प्रस्ताव अमल में लाया जाएगा और इससे कहीं न कहीं छिनैती जैसे अपराधों में लगाम लगेगी। 

कानून बना तो दूसरे कई राज्यों की श्रेणी में होगा यूपी
स्नैचिंग के मामले में हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों में पहले से ही कठोर कानून है। ये राज्य छिनैती को गंभीर अपराध मानते हुए इसके खिलाफ कड़े कानून बना चुके हैं। अगर यूपी में ये कानून बन जाता है तो वो ऐसे राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा , जहां स्नैचिंग के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है।