बांदा के जिला अस्पताल के हाल बेहाल है, जहां कुछ मरीजों को जमीन पर लिटा कर इलाज किया जा रहा है। इस खबर के वायरल होने के बाद अस्पताल के  सीएमएस का बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि मरीजो की संख्या बढ़ने की वजह से असुविधा हो रही है।

बांदा: इस समय एक तरफ जहां योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और सुविधाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लेने के लिए मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल बनाकर जनपदों में भेज रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बांदा में मुख्यमंत्री के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा फेल नजर आ रहा है।

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मरीजों को ज़मान पर लिटाकर हो रहा है इलाज
मुख्यमंत्री के सरकारी अस्पताल के सभी दैवों की एक एक कर के पोल खुलती हुई नज़र आ रही है। वहीं बता दें कि हालात यह है कि मरीजों को अस्पताल में बेड तक नसीब नहीं हो रहे हैं। ताजा मामला बांदा के जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर का है, जहां कुछ मरीजों को जमीन में लिटा कर इलाज किया जा रहा था। उसी दौरान किसी ने वहां का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया मे वायरल कर दिया।

सीएमएस एसएन मिश्रा का बयान आया सामने
इसे लेकर अब जिला अस्पताल के सीएमएस एसएन मिश्रा का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि 'अत्यधिक गर्मी पड़ने के कारण अचानक उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या में वृद्धि होने की वजह से ट्रॉमा सेंटर इमरजेंसी में सारे बेड फुल हो गए थे, जिसके चलते कुछ मरीजों को बेंच और कुछ मरीजों को नीचे जमीन पर भी लिटा दिया गया था।' आगे उन्होंने कहा कि 'जानकारी के बाद वह तत्काल वहां आए थे और जमीन में पड़े मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करा दिया था। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में बेडों की कमी तो है ही, साथ ही स्टाफ की भी बहुत कमी है। 34 स्टाफ नर्सों की जगह मात्र 17 स्टाफ नर्स हैं, जिसकी वजह से अव्यवस्था हो जाती हैं। आगे इस तरह की समस्या ना हो इसके लिए आयुष्मान वार्ड में भी 15 बेडों की और व्यवस्था की जा रही है।'