नोएडा के सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में इलाज के लिए आए अलि पुर (बदरपुर) दिल्ली निवासी प्रकाश की मौत हो गई। मौत से पहले प्रकाश कई घंटे तक अस्पताल के बाहर जमीन पर लेटा रहा। उसके परिजन एंबुलेंस के लिए कहते रहे। हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई।

नोएडा: यूपी में लगातार अस्पतालों की लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। बीते एक दिन पहले एक पिता ने अपने बेटे को कंधे पर रखकर 25 किलोमीटर का सफर तय करने का मामला सामने आया था। इस घटना ने व्यास्थाओं को कटघरे में खड़ा कर दिया था। अभी 24 घंटे भी नहीं बीते है औऱ सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में डाक्टर की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। 

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एंबुलेंस के लिए कहते रहे मरीज
नोएडा के सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में इलाज के लिए आए अलि पुर (बदरपुर) दिल्ली निवासी प्रकाश की मौत हो गई। मौत से पहले प्रकाश कई घंटे तक अस्पताल के बाहर जमीन पर लेटा रहा। उसके परिजन एंबुलेंस के लिए कहते रहे। हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। प्रकाश के तीन बच्चे है। पत्नी बोल रही है कि अब उनके बच्चों को कौन पालेगा।

डॉक्टरों पर इलाज के लिए मना करने का आरोप
प्रकाश सुबह पांच बजे अपनी पत्नी सरिता के साथ जिला अस्पताल पहुंचा। पत्नी ने बताया कि इनको यूरीन नहीं हो रही थी और पेट में दर्द और बुखार था। इमरजेंसी में काफी मशक्कत के बाद यूरीन की नली लगाई गई। जिसके बाद पंजीयन कराकर ओपीडी में दिखाने गए। पत्नी ने आरोप लगाया कि वे कमरा नंबर पांच में प्रकाश को लेकर गए। वहां डाक्टर ने उनसे ये कहा कि वे पुरूष मरीज को ही देखते है। इसके बाद वे कमरा नंबर छह में गए। वहां डाक्टर ने उनको दवा लिखी और दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।

दो घंटे तक परिजन करते रहे एंबुलेंस का इंतजार
करीब दो घंटे तक वे एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। प्रकाश की हालत खराब होती चली गई। इसके बाद प्रकाश अस्पताल के बाहर ही जमीन पर लेट गया। वहां परिजनों को स्ट्रैचर तक नहीं मिली। हालत बिगड़ने पर पत्नी दोबारा से इमरजेंसी विभाग में गई लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पती की मौत के बाद से ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। प्रकाश ओला में गाड़ी चलाता था। वह कई बार अस्पताल में बेहोश हुई।

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