सभी सीटों पर 10 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए। जिसमें भारती जनता पार्टी 8 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। वहीं 1 सपा और 1 बसपा के उम्मीदवार भी निर्विरोध चुने गए। यूपी की इन 10 सीटों पर केवल दस ही प्रत्याशी होने के कारण चुनाव आयोग को मतदान कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी। 

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव सोमवार को पूरा हो गया। सभी सीटों पर 10 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए। जिसमें भारती जनता पार्टी के 8 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। वहीं 1 सपा और 1 बसपा के उम्मीदवार भी निर्विरोध चुने गए। यूपी की इन 10 सीटों पर केवल दस ही प्रत्याशी होने के कारण चुनाव आयोग को मतदान कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

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इन 10 प्रत्याशियों ने मारी बाजी
भाजपा से हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, हरिद्वार दुबे, बृजलाल, नीरज शेखर, गीता शाक्य, बीएल वर्मा और सीमा द्विवेदी राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए हैं। वहीं समाजवादी पार्टी से डॉ. रामगोपाल यादव और बसपा से रामजी गौतम राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए।

इस वजह से नहीं कराना पड़ा चुनाव
बता दें कि तीनों पार्टियों और एक निर्दलीय को मिलाकर टोटल 11 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र दाखिल किया था। लेकिन आखिरी में प्रकाश बजाज के नामांकन पत्र में कुछ गलती पाई गई, जिसके चलते उनका पर्चा निरस्त कर दिया गया। इस हिसाब से किसी भी सीट पर चुनाव करने की स्थिति नहीं बनी।

राज्यसभा नतीजों के बाद सीटों का गणित बदल जाएगा
राज्यसभा में अभी भाजपा के पास 86 सांसद हैं। 25 नवंबर तक भाजपा के 3 सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। यूपी से 8 और उत्तराखंड से 1 सांसद जीतकर राज्यसभा पहुंचते ही भाजपा सांसदों की संख्या 86 से बढ़कर 92 हो जाएगी। 

25 नवंबर को राज्यसभा के 10 सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा 
25 नवंबर को उत्तर प्रदेश के दस राज्यसभा सदस्यों में भाजपा के तीन - केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और नीरज शेखर का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वहीं चार सांसद सपा से (सांसद चंद्रपाल सिंह यादव, राम गोपाल यादव, राम प्रकाश वर्मा और जावेद अली खान) हैं। जबकि बसपा के दो सांसदों - राजाराम और वीर सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं कांग्रेस के पीएल पुनिया का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है। 

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