ऑपरेशन के बाद एक बेटी का जन्म हुआ। लेकिन महिला का पेट दर्द कम नहीं हुआ और डॉक्टर ने कुछ दवा लिखकर प्रसूता को डिस्चार्ज कर दिया। डॉक्टर ने पीड़िता को एमआरआई टेस्ट कराया तो पेट में कुछ वस्तू दिखाई दी। तौलिया की वजह से पेट में संक्रमण फैल चुका था। इसके लिए पीड़िता के पेट की आंत काटनी पड़ी। फिर कहीं जाकर तौलिया निकली।

सीतापुर (उत्तर प्रदेश). आए दिन कहीं ना कहीं से डॉक्टरों की लापरवाही के मामले सामने आते रहते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश के सीतापुर के एक हैरान कर देने वाली खबर आई है, जहां डॉक्टर ने एक महिला मरीज के ऑपरेशन के दौरान बरती लापरवाही से उसकी जान पर आफत आ गई। आलम यह था कि डॉक्टरों ने प्रसूता का ऑपरेशन करते वक्त उसके पेट में तौलिया छोड़ दिया।

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दर्द से तड़पती रही महिला, डॉक्टर ने कर दी छुट्टी
दरअसल, लापरवाही की हद पार कर देने वाली यह घटना सीतापुर के जिला महिला अस्पताल का है। जहां सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल ने प्रसूता का ऑपरेशन करते वक्त उसके पेट में तौलिया छोड़ भूल गई। बता दें कि मोहम्मद फैजान अख्तर अंसारी नाम के शख्स ने अपनी गर्भवती पत्नी शगुफ्ता अंजुम को प्रसव पीड़ा होने पर 5 जून 2020 को अस्पताल में भर्ती एडमिट कराया था। इसी दौरान महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और डॉ. सुषमा कर्णवाल ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी। जहां ऑपरेशन के बाद एक बेटी का जन्म हुआ। लेकिन महिला का पेट दर्द कम नहीं हुआ और डॉक्टर ने कुछ दवा लिखकर प्रसूता को डिस्चार्ज कर दिया। 

पेट की आंत काटकर निकाली तौलिया
शगुफ्ता अंजुम को प्रसव पीड़ा के बाद भी पेट दर्द होता रहा। इधर-उधर कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन कोई आराम नहीं लगा। फिर कुछ दिन पहले लखीमपुर के एक निजी डॉक्टर को दिखाया, जहां डॉक्टर ने पीड़िता को एमआरआई टेस्ट कराया तो पेट में कुछ वस्तू दिखाई दी। इसके बाद फिर से महिला का ऑपरेशन करके पेट में छूटी तौलिया को निकालने की कोशिश की गई। तौलिया की वजह से पेट में संक्रमण फैल चुका था। इसके लिए पीड़िता के पेट की आंत काटनी पड़ी। फिर कहीं जाकर तौलिया निकली।

(पीड़ित शगुफ्ता और पति मोहम्मद फैजान अख्तर अंसारी)

प्रशासन ने भी नहीं की कोई कार्रवाई
घटना के चार महीने बाद पीड़िता के पति मोहम्मद फैजान ने अस्पताल और डॉक्टरों के द्वावारा की गई लापरवाही की शिकायत 10 अक्तूबर को पुलिस और जिला कलेक्टर से की। लेकिन 10 से 12 दिन हो जाने के बाद भी प्रशासन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामला मीडिया में आने के बाद अधिकारी और पुलिस ने मामले पर ठोस कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं लापरवाही यह घटना हो जाने के बाद भी CMO को तब पता चला जब मामला मीडिया तक पहुंचा।