तीसरे चरण के निर्वाचन में कुल 59 विधानसभा क्षेत्रों में 627 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से 97 महिला प्रत्याशी हैं. आयोग के अनुसार तीसरे चरण के चुनाव में कुल 25,794 मतदेय स्थल तथा 15,557 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं और कोविड-19 के दृष्टिगत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1250 तक रखने के निर्देश दिये गये हैं। सभी मतदेय स्थलों पर रैंप, शौचालय तथा पीने के पानी की सुविधा सुनिश्चित की गई है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राज्य के 16 जिलों के 59 निर्वाचन क्षेत्रों में तीसरे चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है। यह मतदान सुबह सात बजे से शुरू होकर शाम छह बजे तक चलेगा। तीसरे चरण में दो करोड़ 16 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें एक करोड़ 16 लाख से अधिक पुरुष मतदाता और 99 लाख से ज्यादा महिला मतदाता हैं, जबकि एक हजार से अधिक किन्नर (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल हैं। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

तीसरे चरण के निर्वाचन में कुल 59 विधानसभा क्षेत्रों में 627 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से 97 महिला प्रत्याशी हैं। आयोग के अनुसार तीसरे चरण के चुनाव में कुल 25,794 मतदेय स्थल तथा 15,557 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं और कोविड-19 के दृष्टिगत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1250 तक रखने के निर्देश दिये गये हैंच. सभी मतदेय स्थलों पर रैंप, शौचालय तथा पीने के पानी की सुविधा सुनिश्चित की गई है। 

करहल: अखिलेश बनाम एसपी बघेल
तीसरे चरण में सबसे बड़ा चुनावी मुकाबला मैनपुरी के करहल सीट पर होने जा रहा है, जहां से समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनाव मैदान में हैं। अखिलेश यादव के सामने बीजेपी के प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने इस सीट पर अखिलेश यादव को समर्थन किया है जबकि बसपा ने कुलदीप नारायण को उतारा रखा है। अखिलेश के चुनाव मैदान में होने की वजह से करहल सीट पर सभी की निगाहे हैं। 

जसवंतनगर से शिवपाल यादव
इटावा के जसवंतनगर से शिवपाल यादव मैदान में हैं। यह सीट शिवपाल यादव का गढ़ माना जाता है। पिछले 5 बार से यह सीट शिवपाल यादव विधायक हैं. अखिलेश यादव से शिवपाल यादव की दूरी बन गई थी और शिवपाल ने अपनी अलग पार्टी बना ली थी। लेकिन इस बार एक साथ आ गए हैं और शिवपाल यादव जसवंत नगर की सीट पर एक बार फिर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। बीजेपी ने जसवंत नगर की सीट से युवा नेता विनय शाक्य को मैदान में उतारा है तो बसपा ने बिजेंद्र कुमार को उतारा है जबकि कांग्रेस ने कोई कैंडिडेट नहीं दिया।

सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद फर्रुखाबाद सदर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। इससे पहले 2002 मे लुईस खुर्शीद फर्रुखाबाद की कायमगंज विधानसभा सीट से विधायक रह चुकी हैं।2007 में लुईस खुर्शीद चुनाव हार गई थी।2012 में लुइस खुर्शीद ने अपनी सीट बदली और फर्रुखाबाद सदर से चुनाव लड़ा लेकिन इस चुनाव में भी इनको कामयाबी नहीं मिल पाई। इस बार विधानसभा चुनाव में लुईस खुर्शीद एक बार फिर फर्रुखाबाद सदर से चुनाव मैदान में हैं. जिन का मुकाबला बीजेपी के मौजूदा विधायक सुनील द्विवेदी और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुमन मौर्य के साथ है। 

सतीश महाना की साख दांव पर
योगी सरकार के मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता सतीश महाना कानपुर के महाराजपुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। सतीश महाना पिछले 7 बार से विधायक हैं और इस बार आठवीं बार चुनाव मैदान में हैं. सतीश महाना का मुकाबला इस बार समाजवादी पार्टी के फतेह बहादुर सिंह गिल के साथ है। सतीश महाना अपने इलाके में काफी लोकप्रिय नेता माने जाते हैं। इस बार वह अपनी जीत को किस तरह बरकरार रख पाते हैं देखने वाली बात होगी। 

कल्याणपुर में नीलिमा कटियार
कानपुर के ही कल्याणपुर सीट से योगी सरकार की राज्य मंत्री नीलिमा कटियार एक बार से फिर से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हैं। नीलिमा कटियार का मुकाबला सपा के पूर्व विधायक सतीश निगम के साथ है। लेकिन इस सीट पर कांग्रेस ने विकास दुबे के साथ इनकाउंटर मारे गए अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे की बहन नेहा तिवारी को उम्मीदवार बना रखा है। ऐसे में यह सीट काफी दिलचस्प हो गई है और मुकाबला त्रिकाणीय माना जा रहा है। 

सादाबाद से रामवीर उपाध्याय मैदान में
बहुजन समाज पार्टी के दिग्गज नेता और ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले रामवीर उपाध्याय बीजेपी से हाथरस के सादाबाद से विधानसभा सीट से चुनाव में ताल ठोक रहे हैं। रामवीर उपाध्याय का मुकाबला सपा रालोद गठबंधन के प्रत्याशी प्रदीप चौधरी से है। इस सीट पर बहुजन समाज पार्टी से अविन शर्मा चुनाव मैदान में हैं. जबकि कांग्रेस ने मथुरा प्रसाद को अपना प्रत्याशी बनाया है। 

कन्नौज से पूर्व आईपीएस असीम अरुण
पुलिस कमिश्नर पद से वीआरएस लेकर बीजेपी में शामिल हुए सीनियर आईपीएस ऑफिसर असीम अरुण कन्नौज सदर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। भाजपा के असीम अरुण का मुकाबला समाजवादी पार्टी के अनिल दोहरे से है। वही बहुजन समाज पार्टी ने इस सीट पर समरजीत दोहरे को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने रीता देवी को अपना उम्मीदवार बनाया है। कन्नौज की जनता की माने तो इस सीट पर भाजपा के असीम अरुण का सीधा मुकाबला समाजवादी पार्टी के अनिल दोहरे के साथ है।