उत्तराखंड गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस विभाग के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ को पूरी तरह से एक्शन मोड में रहने के लिए निर्देश दिए हैं। साथ ही अराजक तत्वों की पहचान के लिए खुफिया एजेंसी को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि आपराधिक इतिहास वाले ऐसे तत्वों पर पुलिस कड़ी निगरानी रख सके। 

देहरादून: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर में सांप्रदायिक घटना के बाद गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस विभाग को निर्देश जारी किए है। राज्य में शांति व्यवस्था और सौहार्दपूर्ण वातावरण को भंग करने के मकसद से सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर धार्मिक आपत्तिजनक टिप्पणी व चित्र पोस्ट किए जाने पर प्रकोष्ठ प्रभावी निगरानी करेगा। प्रदेश में शोभा यात्राएं पुलिस के कड़े पहरे में निकाली जाएगी। इतना ही नहीं अराजक तत्वों की पहचान के लिए खुफिया एजेंसी को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि आपराधिक इतिहास वाले ऐसे तत्वों पर पुलिस कड़ी निगरानी रख सके। 

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अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने के मिले निर्देश
शोभा यात्राएं पुलिस के कड़े पहरे में निकाली जाएगी इसे लेकर प्रमुख सचिव गृह रमेश कुमार सुधांशु द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा पर एक धर्म विशेष के लोगों द्वारा पथराव की घटना से प्रदेश के सांप्रदायिक सौहार्द एवं कानून व्यवस्था के लिए निराशाजनक स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने आगे बताया कि अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली घटनाओं पर अकुंश लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन को पूरी तरह से सजग रहना होगा। साथ ही अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए निर्देश भी दिए जा चुके हैं। 

अपराधिक इतिहास वालों पर कड़ी निगरानी
खुफिया तंत्रो को चौकस किया जा चुका है जिससे अराजक तत्वों की पहचान के लिए स्थानीय अभिसूचना इकाइयों को सक्रिय कर दिया गया है। इकाइयों को सक्रिय करने के साथ-2 ऐसे तत्वों की पहचान को उजागर होने पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस उनपर भी कड़ी निगरानी बनाए हुए है जो अन्य राज्यों से आने वाले ऐसे अराजक तत्व जिनका अपराधिक इतिहास है। इससे संबंधित राज्यों की सरकारों में समन्वय स्थापित किया जाएगा।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
जिले के साथ-2 राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली अफवाहों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही निर्देश दिए गए है कि अफवाहों को रोकने के अलावा इनपर काबू करने के लिए प्रभावी व सार्थक उपाय किए जाए। इतना ही नहीं अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी।

संस्कृतिक धर्म और अध्यात्म का हैं केंद्र 
जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन को यह सभी निर्देश दिए गए है कि धार्मिक जुलूसों व शोभा यात्राओं के लिए पहले से मार्ग तय होंगे, तनाव वाले संभावित क्षेत्रों से निकलने वाले जुलूस की सुरक्षा के लिए, संवेदनशील क्षेत्रों में शांति समितियों की नियमित बैठकें होंगी, पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध रहेगा, अप्रिय घटना की समग्र सूचना पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से गृह विभाग को दी जाएगी। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि उत्तराखंड संस्कृतिक धर्म और अध्यात्म का केंद्र है। उत्तराखंड में शांति व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। कानून व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। उसके लिए जो भी आवश्यक अभियान है वह चलाया जाएगा। 

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