जानकारी के मुताबिक, एसडीएम कैराना अमित पाल और सीओ राजेश तिवारी बीते दिनों झिंझाना रोड पर जा रहे थे। रास्ते में एक कॉलोनी के पास संदिग्ध नंबर वाली गाड़ी दिखी। उसके पास विधायक नाहिद हसन खड़े थे। एसडीएम ने उनसे गाड़ी के कागज दिखाने को कहा, तो विधायक ने अधिकारी से ही बहस शुरू कर दी।

शामली (Uttar Pradesh). यूपी के कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया है। जिसके बाद पुलिस ने शनिवार को विधायक के घर पर दबिश दी। हालांकि, वो घर पर नहीं मिले। बता दें, बीते दिनों नाहिद की एसडीएम से कार के कागजात को लेकर बहस हो गई थी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, एसडीएम कैराना अमित पाल और सीओ राजेश तिवारी बीते दिनों झिंझाना रोड पर जा रहे थे। रास्ते में एक कॉलोनी के पास संदिग्ध नंबर वाली गाड़ी दिखी। उसके पास विधायक नाहिद हसन खड़े थे। एसडीएम ने उनसे गाड़ी के कागज दिखाने को कहा, तो विधायक ने अधिकारी से ही बहस शुरू कर दी। इस घटना का वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसके बाद मामले में जांच के आदेश दिए गए।

पुलिस का क्या है कहना
एसपी शामली अजय कुमार ने बताया, नाहिद 72 घंटे के समय देने के बाद भी अपनी पजेरो स्पोर्ट गाड़ी के कागजात नहीं दिखा सके। गाड़ी का नंबर संदिग्ध होने पर उनसे पूछताछ की गई थी। कागजात मांगे गए तो वो अधिकारियों से ही भिड़ गए। जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 

विधायक पर लगे ये आरोप
नाहिद हसन पर धोखाधड़ी, सरकारी काम में बाधा डालना, धमकाने, 7 सीएलए एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर एसपी ने दर्ज कराई।