चीन के वुहान में रहने वाले एक स्टूडेंट ने 12 जनवरी को अपना हॉस्टल छोड़ छुट्टियों में घर जाने का फैसला किया। लेकिन अचानक वहां लगे लॉकडाउन की वजह से जब 8 महीने बाद लड़का वापस हॉस्टल आया तो वहां उसे अपना पालतू कछुआ मिला। लेकिन जिस हालत में वो मिला, वो चर्चा में है। 

हटके डेस्क: कोरोना वायरस ने दुनिया को तबाह कर दिया है। ये वायरस चीन के वुहान से दुनिया में फैलना शुरू हुआ था। चीन ने जनवरी में ही वुहान में लॉकडाउन लगा दिया था।इसके बाद कई लोग जो चीन के दूसरे प्रांत से वहां गए थे, वो अपने- अपने घर चले गए। इस बीच सोशल मीडिया पर एक स्टूडेंट ने अपने हॉस्टल लौट कर जो देखा उसकी तस्वीर शेयर की। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

लॉकडाउन लगते ही चला गया था घर 
ये चाइनीज स्टूडेंट 8 महीने पहले लॉकडाउन लगते ही अपने घर चला गया था। 22 साल के लीन बुक्सिउ 12 जनवरी को वुहान से अपने घर ताइयुआन चला गया था। लीन ने चीनी सोशल मीडिया डोयिन पर अपने हॉस्टल लौटने के बाद का नजारा शेयर किया। लीन ने अपने हॉस्टल में एक कछुआ पाल रखा था। घर जाने के दौरान कछुए के बारे में उसे कुछ याद नहीं रहा इस वजह से वो भूखा ही रह गया। बिना पानी और खाने के कछुआ का ऐसा हाल हो गया। 

कछुए की जगह मिली सुखी हड्डियां 
लीन जब 8 महीने बाद हॉस्टल आया तो वहाँ उसे कछुए की जगह उसकी सुखी हड्डियां मिली। लीन ने बताया कि वो सिर्फ कुछ दिनों के लिए ही अपने घर गया था। लेकिन वहां जाने के बाद अचानक वुहान में लॉकडाउन लग गया। इस वजह से वो लौट कर नहीं आ पाया। इतने दिनों तक खाना और पानी ना मिलने के कारण कछुए की मौत हो गई। लीन ने कुछ दिनों के हिसाब से कछुए के लिए खाना छोड़ दिया था। लेकिन आठ महीने का ये प्लान अचानक बना। 

इलीगल है इस कछुए को मारना 
इस फोटो को शेयर करते ही लीन मुसीबत में फंस। गया दरअसल, जिस कछुए को उसने पाल रखा था वो दुर्लभ था। ये 70 साल तक जिंदा रहते हैं। लेकिन लीन ने कहा कि उसने मात्र 5 महीने से इसे पाल रखा था। अब लीन अपने प्यारे कछुए की हड्डियों को संजोने का फैसला किया है।