2019 में इकोनॉमिक साइंस में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले अभिजीत बनर्जी का पुरस्कार ग्रहण समारोह इन दिनों चर्चा में है। उन्होंने धोती पहनकर पुरस्कार ग्रहण किया। समारोह में एस्थेर दुफ्लो भी अभिजीत के साथ थी। अभिजीत ने इस पुरस्कार को एस्थेर के साथ ग्रहण किया। इस समारोह में एस्थेर ने साड़ी पहनी, जिसे देख हर भारतीय गर्व से भर गया।

हटके डेस्क: नोबेल पुरस्कार की शुरुआत अल्फ्रेड नोबेल के वसीयतनामे के अनुसार हुई थी। उन्होंने अपनी सारी वसीयत नोबेल फाउंडेशन के नाम कर दिया था और इन पैसों से ही नोबेल पुरस्कार दिया जाता है। 1895 में इसकी शुरुआत हुई थी। दुनिया का सबसे पहला नोबेल पुरस्कार 1901 में दिया गया था। ये पुरस्कार शान्ति, साहित्य, भौतिकी, केमिस्ट्री, मेडिसिन और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाता है।

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विजेता को मिलता है सोने से बना मेडल
नोबेल फाउंडेशन इस पुरस्कार विजेता को गोल्ड मेडल देते हैं। 24 कैरेट के इस मेडल को 18 कैरेट ग्रीन गोल्ड से प्लेट किया जाता है। इसका वजन लगभग 175 ग्राम होता है। इस मेडल की कीमत भी काफी ज्यादा होती है। एक अनुमान के अनुसार अगर इन मेडल्स को बेचा जाए, तो इसके बदले 7 लाख 80 हजार रुपए मिलेंगे। 2015 में नोबेल विजेता लीओन मैक्स लेडरमैन ने अपना मेडल नीलाम किया था। उन्हें गंभीर बीमारी थी, जिसके इलाज के लिए उन्होंने मेडल नीलाम करने का फैसला किया था। इस नीलामी में उन्हें 5 करोड़ 41 लाख रुपए मिले थे।


कैश से होते हैं मालामाल
बात अगर विजेता को मिलने वाले कैश की करें, तो नोबेल पुरस्कार विजेता को मिलने वाली फिक्स राशि है 1 मिलियन डॉलर। इसे अगर भारतीय करेंसी में समझें तो अमाउंट होता है, 7 करोड़ 10 लाख रुपए। अगर विजेता ने इसे अकेले जीता, तो पूरा अमाउंट उसका। लेकिन अगर टीम में कई सदस्य हैं, तो ये अमाउंट सबके बीच बराबर बांट दी जाती है। ऐसे में अगर बात 2019 में भारत के नोबल विजेता की करें, तो उन्हें कुल 3 करोड़ 55 लाख रुपए मिले। आधा हिस्सा एस्थेर को मिला।