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बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले क्यों नहीं रुक रहे? 24 घंटे में दूसरी हत्या-असली साजिशकर्ता कौन?
Bangladesh Hindu Killing: क्या बांग्लादेश में हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा? नरसिंगड़ी में किराना दुकानदार मोनी चक्रवर्ती की हत्या, कुछ घंटे पहले जशोर में फैक्ट्री मालिक को गोली मार दी गई। 24 घंटे में 2 हत्याएं-इत्तेफाक या खौफनाक साजिश?

Bangladesh Hindu Killing News: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पिछले 24 घंटों के भीतर एक और हिंदू व्यक्ति की हत्या ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामला नरसिंगडी जिले का है, जहां किराना दुकान चलाने वाले मोनी चक्रवर्ती की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई।
आखिर मोनी चक्रवर्ती के साथ क्या हुआ?
रिपोर्ट्स के अनुसार, नरसिंगडी जिले में किराना दुकान चलाने वाले हिंदू व्यापारी मोनी चक्रवर्ती पर सोमवार रात करीब 10 बजे धारदार हथियारों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल मोनी को बचाया नहीं जा सका और कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोग सकते में हैं क्योंकि मोनी चक्रवर्ती की किसी से खुली दुश्मनी की जानकारी सामने नहीं आई है। तो फिर हमला अचानक क्यों हुआ? पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कारण सार्वजनिक नहीं किया गया।
जशोर में फैक्ट्री मालिक की गोली मारकर हत्या, क्या यह सुनियोजित हमला था?
जशोर जिले में 45 वर्षीय राणा प्रताप की गोली मारकर और गला रेतकर हत्या कर दी गई। वह एक आइस फैक्ट्री के मालिक थे और एक अखबार से जुड़े कार्यकारी संपादक भी थे। बताया जा रहा है कि हमलावर उन्हें फैक्ट्री से बाहर बुलाकर एक गली में ले गए और सिर में कई गोलियां मार दीं। मौके से सात खोखे बरामद किए गए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हमलावर मोटरसाइकिल पर आए थे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती हिंसा की लंबी सूची
- इन दो हत्याओं से पहले भी कई चौंकाने वाली घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
- झेनैदाह जिले में एक हिंदू महिला के साथ सामूहिक बलात्कार, बाल काटकर वीडियो वायरल
- ढाका से 150 किमी दूर खोकन चंद्र दास को जिंदा जलाने की कोशिश
- मैमनसिंह में बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या
- राजबाड़ी में अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या
- कथित ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या
ये घटनाएं बताती हैं कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक, खासकर हिंदू, खुद को कितना असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
क्या सरकार हिंदुओं की सुरक्षा करने में नाकाम हो रही है?
भारत ने इन घटनाओं पर खुलकर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध समुदाय के खिलाफ लगातार हिंसा गंभीर चिंता का विषय है।
बांग्लादेश में हिंदू आबादी कितनी है और वे कितने असुरक्षित हैं?
बांग्लादेश में हिंदू आबादी करीब 7 प्रतिशत है। हाल के महीनों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, आगजनी, जमीन कब्जे और हत्याओं की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतरिम सरकार के दौरान 2,900 से ज्यादा हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं।
भारत ने क्या कहा? क्या अंतरराष्ट्रीय दबाव बनेगा?
भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों को लेकर “गंभीर चिंता” जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कहा कि इन घटनाओं को मीडिया की अतिशयोक्ति नहीं कहा जा सकता। क्या बांग्लादेश सरकार ठोस कार्रवाई करेगी या हालात और बिगड़ेंगे?
आखिर सच क्या है और आगे क्या हो सकता है?
लगातार हो रही हत्याएं और हिंसा यह संकेत दे रही हैं कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन चुकी है। जांच के नतीजे क्या होंगे, यह तो समय बताएगा, लेकिन फिलहाल डर और असुरक्षा का माहौल साफ नजर आ रहा है।
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