बीएनपी नेता तारिक रहमान 17 साल बाद लंदन से ढाका लौटे। रैली में उन्होंने एकजुटता, नया बांग्लादेश और युवाओं के नेतृत्व की बात कही। शेख हसीना सरकार पर दमन का आरोप लगाया और शांति-स्थिरता का संदेश दिया।

Bangladesh Political Crisis: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट तारिक रहमान गुरुवार 25 दिसंबर को लंदन से ढाका पहुंचे। रहमान 17 साल के लंबे समय के बाद ब्रिटेन से अपने मुल्क लौटे हैं। हवाई अड्डे पर उनकी पार्टी के नेताओं ने जमकर स्वागत किया। उनके साथ पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान भी थीं। तारिक रहमान ने बांग्लादेश पहुंचने पर ढाका में एक विशाल रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के भविष्य को लेकर भी अपनी बात रखी।

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हमें मिलकर एक नया बांग्लादेश बनाना है..

तारिक रहमान ने कहा, अल्लाह के फजल-ओ-करम से मैं अपने मुल्क वापस आ सका। ये वही जमीन है, जिसे 1971 में कई शहादतों के बाद आजादी मिली थी। तारिक रहमान ने कहा कि इसी तरह का एक आंदोलन 2024 में भी देखने को मिला, जब 5 अगस्त को लोगों ने देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए खड़े होकर संघर्ष किया। आज वक्त है कि हम सब एकजुट हों। मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और हिंदू, सभी मिलकर यहां रहते हैं। हमें मिलकर एक नया बांग्लादेश बनाना है।

तारिक रहमान ने की शेख हसीना सरकार की आलोचना

तारिक रहमान ने शेख हसीना सरकार की आलोचना करते हुए कहा, 15 साल के शासन में कोई भी खुलकर कुछ नहीं बोल सका। 2024 के छात्र आंदोलन के नेता उस्मान हादी को मार दिया गया, जो एक बहादुर नेता थे। उन्होंने आगे कहा कि इस देश की कमान अब युवा पीढ़ी संभालेगी। हम बांग्लादेश में शांति और स्थिरता चाहते हैं। मार्टिन लूथर किंग ने कहा था- आई हैव ए ड्रीम। आज मैं कहना चाहता हूं कि मेरे पास अपने देश के लोगों और भविष्य के लिए प्लान है। 

बीएनपी से पीएम पद के दावेदार हो सकते हैं तारिक रहमान

बता दें कि जनता को संबोधित करने के बाद तारिक रहमान अपनी बीमार मां पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से मिलने के लिए अस्पताल रवाना हो गए। बता दें कि खालिदा जिया ढाका के एवरकेयर हॉस्पिटल में एडमिट हैं। बांग्लादेश में 12 फरवरी 2023 को आम चुनाव होने हैं। चूंकि, खालिदा जिया बीमार हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि तारिक रहमान बीएनपी से PM पद के दावेदार हो सकते हैं।

जमात-ए-इस्लामी की राह में रोड़ा बन सकते हैं तारिक रहमान

तारिक रहमान की लंदन से वापसी ऐसे समय हुई है, जब पिछले साल छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह में खालिदा जिया परिवार की कट्टर दुश्मन और लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद उनकी BNP पार्टी मजबूत हो रही है। अमेरिका स्थित इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट के दिसंबर के एक सर्वे से पता चलता है कि BNP इस वक्त सबसे ज्यादा संसदीय सीटें जीतने की राह पर है। बीएनपी वो पार्टी है, जो जमात-ए-इस्लामी की राह में रोड़ा बन सकती है। वहीं, शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है।