17 साल के एक नाबालिग को गंदी तस्वीरें (sexually explicit pictures) देने के बदले 45 हजार डॉलर भुगतान करने के मामले में आरोपी प्रजेंटर को बीबीसी ने निलंबित कर दिया है। 

लंदन। बीबीसी के एक प्रजेंटर ने 17 साल के एक नाबालिग को अपनी गंदी तस्वीरें (sexually explicit pictures) देने के लिए 35 हजार पाउंड (करीब 45 हजार डॉलर) दिया। मामला सामने आया तो उसने जांच रोकने की कोशिश की। बीबीसी ने अपने उस प्रजेंटर को सस्पेंड कर दिया है। द सन की रिपोर्ट के अनुसार मामला सामने आने के बाद बीबीसी के प्रजेंटर ने नाबालिग को दो बार फोन किया। उसने नाबालिग को बुलाया और पूछा कि तुमने क्या किया है? इसके बाद उसने नाबालिग से कहा कि अपनी मां से बात करो और जांच रुकवाने के लिए कहो। पीड़ित नाबालिग की मां ने कहा है कि वह बीबीसी के बयान से परेशान थी। उसने मई में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन शुरुआत में बीबीसी की ओर से किसी ने उससे संपर्क नहीं किया था। मामले के तूल पकड़ने पर बीबीसी ने आरोपी को रविवार को निलंबित कर दिया।

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पीड़ित ने नशीली दवाओं पर किया पैसा खर्च
पीड़ित की मां ने दावा किया है कि उसके बेटे ने बीबीसी के प्रजेंटर से मिले पैसे को नशीली दवाओं की आदत पर खर्च किया। पीड़ित की मां ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे से पहली बार आरोपी ने 2020 में तस्वीर मांगी थी। उस वक्त पीड़ित की उम्र 17 साल थी। इसके बाद उसने तीन साल तक पीड़ित से तस्वीरें ली और इसके बदले पेमेंट किया।

पीड़ित की मां ने द सन को बताया कि उसने अपने बच्चे के फोन पर आरोपी की एक तस्वीर देखी है। इसमें वह "अंडरवियर पहने हुए अपने घर में सोफे पर बैठा हुआ था"। यह फोटो किसी प्रकार के वीडियो कॉल की थी। ऐसा लग रहा था कि वह मेरे बच्चे के लिए प्रदर्शन करने के लिए तैयार हो रहा था।

बीबीसी ने कहा- आरोपों को गंभीरता से लिया
मामला सामने आने के बाद बीबीसी ने बयान जारी कर कहा था कि हम किसी भी आरोप को गंभीरता से लेते हैं। ऐसे आरोपों से निपटने के लिए मजबूत आंतरिक प्रक्रियाएं मौजूद हैं। बीबीसी ने कहा कि उसे पहली बार मई में एक शिकायत के बारे में पता चला था। गुरुवार को उस पर अलग प्रकृति के नए आरोप लगाए गए। रविवार को कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल में बीबीसी के महानिदेशक टिम डेवी ने कहा कि बीबीसी आरोपों को गंभीरता से ले रहा है।